- केवल धार्मिक कथा नहीं, प्रेरणादायी मार्गदर्शिका है रामायण…
- दीदी ने बताये श्री राम के जीवन से जुड़े 10 महत्वपूर्ण सूत्र
बिलासपुर। राजकिशोर नगर स्थित शिव-अनुराग भवन में चल रही आध्यात्मिक ज्ञान श्रृंखला के अंतर्गत द्वितीय दिवस पर ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने “रामायण का आध्यात्मिक महत्व एवं जीवन प्रबंधन” विषय पर सारगर्भित उद्बोधन दिया।
उन्होंने कहा कि श्री राम का जीवन केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि आधुनिक जीवन में तनावमुक्त, संतुलित एवं सफल जीवन जीने की एक प्रेरणादायी मार्गदर्शिका है। उनके चरित्र में निहित गुण आज भी प्रत्येक व्यक्ति को आत्मबल, धैर्य और मर्यादा का पाठ सिखाते हैं।

मंजू दीदी ने श्री राम के जीवन से प्रेरित 10 महत्वपूर्ण जीवन सूत्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि जल्दबाजी अशांति का कारण बनती है, भय असफलता की जड़ है तथा अनियंत्रित इच्छाएँ मनुष्य को अशांत करती हैं। उन्होंने संतुलित आत्मविश्वास, साहस, त्याग, अनुभव और सकारात्मक दृष्टिकोण को सफलता का आधार बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान के कर्म ही भविष्य का निर्माण करते हैं, अतः प्रत्येक व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहना चाहिए।
आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने मंथरा को पर-चिंतन एवं नकारात्मक विचारों का प्रतीक बताया और तीन “पर” — पर-दर्शन, पर-चिंतन एवं पर-मत — से बचने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इनसे दूर रहकर ही मनुष्य आंतरिक शांति और स्थिरता प्राप्त कर सकता है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी को निराकार परमात्मा से जुड़कर अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए मर्यादाओं का पालन करना ही सच्चे अर्थों में ‘राम राज्य’ की स्थापना है।