गुढ़ नगर परिषद में शासकीय निःशुल्क खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र के कोटेदार गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं और नियमों की खुलकर अनदेखी की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 8 से 13 तक खाद्यान्न वितरण करने वाले कोटेदार अनिल सैनी तथा वार्ड क्रमांक 1 से 7 तक के कोटेदार छोटेलाल उर्मालिया द्वारा हितग्राहियों को पहले लाइन में खड़ा कर अंगूठा लगवाया जाता है, जबकि खाद्यान्न का वितरण करीब एक सप्ताह बाद किया जाता है। इस प्रक्रिया के चलते हितग्राहियों को बार-बार लाइन में लगना पड़ता है, जिससे उनका समय और मजदूरी दोनों का नुकसान हो रहा है।
हितग्राहियों का आरोप है कि वितरण के दौरान तौल में भी भारी गड़बड़ी की जा रही है। बताया जा रहा है कि निर्धारित मात्रा से करीब 10 से 15 प्रतिशत तक कम खाद्यान्न दिया जा रहा है। कई मामलों में प्रति व्यक्ति लगभग 5 किलो तक अनाज कम दिए जाने की शिकायत सामने आई है।
इसके साथ ही कोटेदारों द्वारा हितग्राहियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे आमजन में आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कोटेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।