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प्रभु दर्शन भवन टिकरापारा में चल रही सकारात्मक चिंतन की क्लास
बिलासपुर। ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा के प्रभु दर्शन भवन में चल रहे सकारात्मक चिंतन की क्लास में आज परमात्म संदेश सुनाते हुए ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने कहा कि जो व्यक्ति समाज में निमित्त (उदाहरण) बनकर कार्य करते हैं, उनके ऊपर विशेष जिम्मेदारी होती है। उनके हर संकल्प, वाणी और कर्म को लोग देखते और उससे सीखते हैं, इसलिए उन्हें अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए।

संदेश में यह स्पष्ट किया करते हुए दीदी ने कहा कि निमित्त बनी हुई आत्माओं को किसी भी परिस्थिति में बहाने नहीं बनाने चाहिए, बल्कि अपनी कमजोरियों को पहचानकर उनका समाधान स्वयं करना चाहिए। ऐसा करने से वे न केवल स्वयं को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी सही मार्गदर्शन दे सकते हैं।
दीदी ने आगे कहा कि सच्ची ज्ञानी आत्मा वही होती है, जिसमें अहंकार नहीं होता। वह यह समझती है कि उसके सभी गुण और विशेषताएं परमात्मा की देन हैं, इसलिए उसमें “मैं” और “मेरा” का भाव नहीं रहता।

दीदी ने एक सुंदर उदाहरण देते हुए बताया कि यह ईश्वरीय ज्ञान एक ऐसी “दुकान” के समान है, जहाँ शांति, सुख, ज्ञान और पवित्रता जैसे सभी आध्यात्मिक खजाने उपलब्ध हैं। विशेष बात यह है कि इस दुकान के मालिक स्वयं भगवान हैं और हम सभी के लिए यह सब खजाने नि:शुल्क प्रदान करते हैं।
दीदी ने आगे कहा कि वर्तमान समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि मनुष्य अपने जीवन में परमात्मा की याद और आत्म-सुधार पर ध्यान देता है, तो वह अपने जीवन को सुख, शांति और आनंद से भर सकता है।
अंत में सभी ने परमात्मा को भोग स्वीकार कराकर स्वयं भी प्रसाद ग्रहण किया।
प्रेषक :
मीडिया प्रभाग
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा बिलासपुर