गोवर्धन सिन्हा
राजनांदगांव-राजनांदगांव जिले डोंगरगढ तहसील मुसरा कला स्थित नवोदय कोचिंग ने इस वर्ष भी अपने बेहतर परिणाम से क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कड़ी मेहनत, अनुशासन और नियमित अभ्यास के बल पर इस वर्ष 10 बच्चों का नवोदय विद्यालय में चयन हुआ है, जो ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
कक्षा 4वीं–5वीं से मजबूत नींव
नवोदय कोचिंग में कक्षा 4वीं और 5वीं से ही बच्चों की तैयारी कराई जाती है।
कोचिंग में— रोजाना 5 से 6 घंटे नियमित पढ़ाई
रविवार को भी अवकाश नहीं
विषयवार अभ्यास और टेस्ट
कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान
की व्यवस्था है।
यही कारण है कि कोचिंग के सभी विद्यार्थी 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर रहे हैं।
मार्गदर्शक दिनदयाल साहू की मेहनत रंग लाई
इस सफलता के पीछे दिनदयाल साहू का मार्गदर्शन अहम भूमिका निभा रहा है।
दिनदयाल साहू बच्चों को अनुशासन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने पर विशेष जोर देते हैं।
थोड़ी जल्दबाजी भारी पड़ी, नहीं तो परिणाम और बेहतर होता” – दिनदयाल साहू
जब मार्गदर्शक दिनदयाल साहू से इस वर्ष के परिणाम को लेकर चर्चा की गई तो उन्होंने कहा—
“इस बार हमारे कुछ बच्चों ने परीक्षा में जल्दबाजी में कुछ प्रश्नों में गलती कर दी,
नहीं तो कई बच्चे बहुत कम अंकों से चयन से वंचित रह गए।
फिर भी बच्चों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है।”
ग्रामीण शिक्षा के लिए प्रेरणा
नवोदय कोचिंग मुसरा कला की यह सफलता—
ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा का प्रमाण है
सही मार्गदर्शन मिलने पर गांव के बच्चे भी बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं
अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है
निष्कर्ष
लगातार मेहनत, बिना छुट्टी की नियमित पढ़ाई और मजबूत मार्गदर्शन के कारण
नवोदय कोचिंग मुसरा कला ने इस वर्ष भी “ठीक-ठाक नहीं, बल्कि सराहनीय परिणाम” दिया है।
आने वाले वर्षों में इससे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
