बिलासपुर (राजकिशोर नगर)। ब्रह्माकुमारीज़ के शिव अनुराग भवन में चल रहे पॉजिटिव थिंकिंग क्लास को सम्बोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी रूपा दीदी ने कहा कि सकारात्मक सोच और परमात्मा की याद से व्यक्ति अज्ञान के अंधकार से निकलकर शांति और सुख का अनुभव कर सकता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में मधुरता और नम्रता का गुण धारण करना ही सच्ची महानता की पहचान है। जब व्यक्ति अपने संस्कारों और व्यवहार में नम्रता अपनाता है, तो वह स्वयं भी आगे बढ़ता है और दूसरों के दिलों को भी जीत लेता है। सच्चा सेवाधारी वही है जो झुककर सेवा करता है और अपने मधुर व्यवहार से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।

इसी अवसर पर डॉ. दादी रत्नमोहिनी जी की प्रथम पुण्यतिथि विश्व एकता दिवस के रूप में मनाते हुए उन्हें सामूहिक रूप से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित भाई-बहनों ने उनके सरल, नम्र एवं सेवाभावी जीवन को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
