बिलासपुर,
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सिम्स अस्पताल बिलासपुर संभाग का सबसे बड़ा शासकीय अस्पताल तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश का दूसरा मेडिकल कॉलेज है,जहां प्रदेश सहित आसपास के अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
सिम्स में प्रतिदिन ओपीडी में लगभग 1800 से 2200 मरीज उपचार हेतु आते हैं, वहीं रोजाना लगभग 150 से 180 मरीज भर्ती होकर विभिन्न विभागों में इलाज प्राप्त कर रहे हैं।
अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों को निशुल्क उपचार की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
इसी क्रम में किडनी रोगियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सिम्स की डायलिसिस यूनिट को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। पूर्व में यूनिट में 7 डायलिसिस मशीनें संचालित थीं,वहीं 3 नई अत्याधुनिक मशीनों के स्थापित होने से अब यूनिट में कुल 11 मशीनें उपलब्ध हो गई हैं। इससे मरीजों को समय पर उपचार मिलने के साथ डायलिसिस सेवाओं की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
डायलिसिस यूनिट में प्रतिदिन तीन शिफ्टों में लगभग 18 से 20 मरीजों का सफलतापूर्वक डायलिसिस किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पिछले एक वर्ष में यूनिट द्वारा कुल 8230 सफल डायलिसिस प्रक्रियाएं संपन्न की गई हैं,जो सिम्स की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं निरंतर समर्पण को दर्शाता है।
यूनिट में डायलिसिस के अतिरिक्त मरीजों के हीमोग्लोबिन नियंत्रण हेतु इंजेक्शन इरिथ्रो प्रोटीन एवं आयरन फ्री की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही गंभीर मरीजों के लिए प्लाज्माफेरेसिस जैसी विशेष चिकित्सा सुविधा भी संचालित की जा रही है, जिससे मरीजों को बड़े महानगरों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है
डायलिसिस यूनिट प्रभारी डॉ. आशुतोष कोरी के नेतृत्व में यूनिट की सेवाएं निरंतर बेहतर ढंग से संचालित हो रही हैं
यूनिट की सिस्टर इंचार्ज वंदना घोष सहित स्टाफ सदस्य मैनेजर फलेश्वर डायलिसिस टेक्निशियन रोशन,अजय,नेहा,सतीश,हाउसकीपिंग स्टाफ मालती, राजू एवं मीना मरीजों की सेवा में सक्रिय भूमिका निर्वहन कर रहे हैं।
सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि
“सिम्स लगातार आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने की दिशा में कार्य कर रहा है। डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ने से अब अधिक मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।हमारा प्रयास है कि गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही प्राप्त हों।”
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि
“सिम्स में आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आवश्यक था। नई मशीनों के माध्यम से अब मरीजों को अधिक व्यवस्थित,सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण डायलिसिस सेवाएं मिल रही हैं।”
डायलिसिस यूनिट प्रभारी डॉ. आशुतोष कोरी ने बताया कि
यूनिट को आधुनिक तकनीक एवं सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। हमारी पूरी टीम मरीजों को बेहतर एवं सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्लाज्माफेरेसिस जैसी विशेष सुविधा से गंभीर मरीजों को भी काफी लाभ मिल रहा है।”
