- सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। व्यापार विहार स्थित दीनदयाल गार्डन एक बार फिर बदहाली का शिकार हो गया है। कभी शहर के प्रमुख मनोरंजन स्थलों में गिने जाने वाले इस गार्डन की स्थिति अब जर्जर हो चुकी है। झूले टूट-फूट गए हैं, फन पार्क बंद पड़ा है और जगह-जगह गंदगी का अंबार दिखाई देता है। हालात को देखते हुए नगर निगम ने इसके पुनर्विकास के लिए करीब 3 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। निगम द्वारा तैयार री-डेवलपमेंट प्लान के तहत गार्डन को अमृत मिशन 2.0 योजना में शामिल किया गया है। योजना के अनुसार गार्डन के पुराने प्रवेश द्वार से लेकर अंदरूनी हिस्सों तक व्यापक सुधार कार्य किए जाएंगे। साथ ही यहां नई सुविधाएं विकसित करने का भी प्रस्ताव है। जानकारी के अनुसार, पहले भी इस गार्डन को फन पार्क के रूप में विकसित करने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए थे। सजावट, खेल उपकरण और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं भी बनाई गई थीं, लेकिन समय के साथ देखरेख के अभाव में सब कुछ बदहाल हो गया। वर्तमान में गार्डन का संचालन नगर निगम के पास है।

सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि गार्डन में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है। शाम होते ही यहां अंधेरा छा जाता है और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। पहले यहां लाइटिंग की व्यवस्था थी, लेकिन अब कई जगहों पर लाइटें खराब हो चुकी हैं।
पार्क की हालत चिंताजनक
गार्डन के भीतर लगे फव्वारे बंद पड़े हैं, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है और पाथवे भी टूट चुके हैं। झूलों की हालत खराब होने के कारण बच्चों की आवाजाही भी कम हो गई है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाए गए बैठने के स्थान भी जर्जर हो चुके हैं।
महिला स्व-सहायता समूह को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
नगर निगम ने गार्डन की देखरेख के लिए महिला स्व-सहायता समूह को जिम्मेदारी सौंपने की योजना बनाई है। इससे उम्मीद की जा रही है कि नियमित रखरखाव बेहतर तरीके से हो सकेगा और गार्डन फिर से लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन पाएगा।
उम्मीदें और चुनौतियां
हालांकि 3 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट से गार्डन के कायाकल्प की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या इस बार रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पहले की तरह यह फिर उपेक्षा का शिकार न हो।
