आज बिलासपुर में महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित जागरूकता फिल्मों का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर पुलिस विभाग की वरिष्ठ महिला अधिकारियों एवं समाज की प्रतिष्ठित महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास (टोनही प्रथा) तथा महिला एवं बाल अपराधों पर आधारित लघु फिल्मों के पोस्टर का राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहतकर जी के हाथो अनावरण किया गया।
चेतना अभियान चेतना के विभिन्न चरणों को साकार करते हुए चेतना के भाव को लोगों तक पहुंचाने के लिए आर्यन फिल्म स्थानीय भाषा में छोटी-छोटी फिल्मों का निर्माण करते हुए लोगों में जागरूकता लाने का भरपूर प्रयास किया है जिसे सभी वर्गों ने सराहा है स्वीकार किया हैl इन फिल्मों की आवश्यकता महसूस करते हुए इसका प्रदर्शन विभिन्न प्रांतो में भी किया गया
इन फिल्मों का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना तथा अपराधों की रोकथाम के लिए जनसहभागिता को प्रोत्साहित करना है।
Tohni – समाज मे टोहनी कुप्रथा के दुसप्रभाव के बारे मे जनजागरूकता
Pyar ki saza – अंतरजातीय विवाह पर सामाजिक बहिस्कार कुप्रथा
Ek inspector yesa bhi – बच्चों के शिक्षा से जोड़कर गलत रास्ते पर जाने से बचाने के लिए
फ़िल्म मे विशेष योगदान रहा – रवि शुक्ला, डॉ सुनन्दा मरावी, TI विवेक पाण्डेय, TI निलेश पाण्डेय, Ex ट्रैफिक SI उमा शंकर पाण्डेय, महेंद्र सूर्यवंशी, डॉ के के साव का रहा
कार्यक्रम में बिलासपुर जिले में संचालित बहुउद्देशीय कार्यक्रम चेतना के जनक एवं बिलासपुर जिले के डीआईजी एवं एसपी श्री रजनेश सिंह सहित तमाम महिला पुरुष पुरुष अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए इस प्रकार की जागरूकता पहल अत्यंत आवश्यक है। फिल्म के माध्यम से संदेश आमजन तक प्रभावी तरीके से पहुंचता है और लोगों को सजग बनने की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर फिल्म निर्माण टीम द्वारा बताया गया कि उनकी कोशिश है कि सामाजिक मुद्दों को सरल और भावनात्मक तरीके से प्रस्तुत कर अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचाया जाए।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना की और इसे समाजहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
