बिलासपुर :- 657000 लाख करोड़ का सोना भारत में आता है जिसका पेमेंट डॉलर में करना पड़ता है,, और अब तो यह अमाउंट बहुत बड़ सकती है तेजी के कारण, इस कारण डॉलर की डिमांड रहती है, अगर यह अमाउंट कम हो तो हमारे बहुमूल्य खाद्य पदार्थों के निर्यात से प्राप्त डॉलर की बचत होंगी,, क्योंकि सोने का उपयोग, उत्पादन कार्यों में नही होता है,,
इससे दुसरा फायदा यह होंगा कि सोना भेजने वाली कंपनिया भारत से प्राप्त डॉलर कl इन्वेस्टमेंट अमेरिका में करती थीं तो वह नही करेंगी,,
2,, विदेशी सामग्रियो का बहिस्कार,, विलासिता की, अनुपयोगी सिर्फ शोबाजी के लिए अनेक विदेशी आइटम्स हम खरीदना बंद कर दे तो भी विदेशी मुद्रा की बचत होंगी,
3, पेट्रोल डीजल की बचत के सुझाव को मानना हमे भविष्य में पेट्रोल पंप पर लगने वाली लंबी लंबी लाइनों से बचा सकती है,,
4, सभी डबल रिफाइंड तेल में पाम तेल का उपयोग होता है, विदेशी मुद्रा का एक बड़ा हिस्सा पाम तेल के इंपोर्ट में खर्चा होता है, इसलिए सादा जीवन, उच्च विचार, सिर्फ ज़रूरत के लिए ही उपभोग हो,,
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रिसोर्ट कल्चर पर खाद्यान्न पदार्थों की अत्यधिक आइटम्स और अत्यधिक आवागमन को भी कंट्रोल करने के लिए भविष्य में निर्देश आ सकते है,,
भविष्य में कई तरह की तकलीफे आ सकती है इसलिए हमे सब ने स्वयं होकर पी एम, साहेब के निवेदन को मानना चाहीए,, कही ये निवेदन आदेश में पारित न हों जाय, नही तो फिर जबरन मानना पड़ेगा,,
विश्व के कई देशों ने उपभोग पर कंट्रोल करने के लिए कड़े नियम लागू कर दिए है, भारत में भी कड़े नियम लागू हो सकते है,,*आने वाला समय में राष्ट्र की मजबूती हम सब की जवाबदारी है,, इस मुश्किल समय में देश का साथ दो,, राष्ट्र हित सर्वोपरि*
हीरानंद जयसिंह
अध्यक्ष
कैट बिलासपुर
