बिलासपुर :- सत्संग में, कीर्तन में और धार्मिक ग्रंथो में एक बात हमेशा लिखी गई है और कही गई है सुनी भी जाती है कि जीवन मरण ऊपर वाले के हाथ में है हमें अपना अच्छा कर्म करना है ताकि यह जीवन के साथ-साथ ऊपर पहुंचाने के बाद वह जीवन भी हमारा अच्छा संवर जाए बिलासपुर नगर के सफल व्यवसायी समाजसेवी धार्मिक स्वभाव श्री सतराम सिदारा जी के सुपुत्र स्वर्गीय नंदकिशोर सिदारा की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी तिफरा स्थित मानसिक दिव्यांग आश्रम घरौंदा में पहुंचकर परिवार जनों के द्वारा खाद्य सामग्री साथ में शीतल जल की बोतलें व राशन प्रदान किया गया. संनातन धर्म में एक बात हमेशा कहते हैं कि जीते जी तो दान पुण्य जरूर करो किंतु यदि कोई स्वर्गवास हो जाता है तो उसके निमित्त में भी दान पुण्य करना चाहिए

और दान पुण्य पंडितों के अलावा भी जो जरूरतमंद है उनको भी करना चाहिए अनेकों लोग मंदिरों में और
पंडितों को भी दान करते हैं अच्छी बात है लेकिन जो जरूरतमंद है उनको भी दान दीजिए गौ माता है उनको भी चारा खिलाएं कहने का तात्पर्य यह है कि दान का महत्व तब और बढ़ जाता है जब जरूरतमंद जगह में उसको दिया जाए ताकि जो जरूरतमंद उसका उपयोग करें तो वह दुआ🙏देगा ,आशीर्वाद देगा और वही दुआएं आशीर्वाद काम आती है आज की सेवा में महेश सिदारा, डब्बू ,ब्रह्मा, भरत एंव समस्त सिदारा परिवार के सदस्यों का सहयोग रहा
