नियमों को ठेंगा दिखा रहे वाहन चालक, प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद नहीं सुधर रही स्थिति
- सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था लगातार अव्यवस्थित होती जा रही है। सड़क किनारे बनाई गई पीली लाइन, जिसका उद्देश्य व्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करना था, अब केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। वाहन चालक नियमों को दरकिनार करते हुए पीली लाइन के बाहर ही अपने वाहन खड़े कर रहे हैं, जिससे सड़कें संकरी हो रही हैं और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के लिंक रोड, मगरपारा मार्ग, कलेक्टोरेट रोड तथा नगर निगम कार्यालय के आसपास की सड़कें बेतरतीब पार्किंग की समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन मार्गों पर वाहन चालक सड़क के किनारे नहीं बल्कि आधी सड़क तक वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। विशेषकर कार्यालय समय और शाम के व्यस्त घंटों में हालात और अधिक गंभीर हो जाते हैं। दोपहिया से लेकर चारपहिया वाहन तक सड़क पर इस तरह खड़े कर दिए जाते हैं कि एम्बुलेंस, स्कूल बस और अन्य बड़े वाहनों को निकलने में भारी कठिनाई होती है। कई स्थानों पर तो एक वाहन के रुकते ही पूरा मार्ग बाधित हो जाता है और लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है।
कार्रवाई जारी, लेकिन असर नहीं
ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर अवैध पार्किंग करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। चालानी कार्रवाई और समझाइश के बावजूद लोग नियमों का पालन करने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार निगरानी रखी जा रही है, लेकिन नागरिक सहयोग के बिना व्यवस्था सुधारना मुश्किल है।

बाजार क्षेत्रों में सबसे अधिक अव्यवस्था
शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्रों में यह समस्या और अधिक विकराल रूप ले चुकी है। दुकानों के सामने वाहन खड़े करने की होड़ में लोग यातायात नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इससे न केवल सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है, बल्कि पैदल चलने वालों को भी जोखिम उठाना पड़ रहा है।
नागरिकों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि केवल चालान काटने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि प्रमुख मार्गों पर नियमित निगरानी, नो-पार्किंग क्षेत्रों का स्पष्ट चिन्हांकन और अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों को तत्काल हटाने की सख्त व्यवस्था की जाए। यदि समय रहते इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।
