
बिलासपुर :- सड़कों पर पार्किंग की जगह दिए बिना, चालान के नाम पर जनता की जेब काटना बंद होना चाहिए।स्मार्ट सिटी का सपना तब तक अधूरा है, जब तक शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुगम और सरल न हो।ट्रैफिक नियम ज़रूरी हैं, लेकिन प्रशासन को पहले नागरिकों को सुविधा देने की अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।ट्रैफिक जाम से मुक्ति चालान की रसीद से नहीं, बल्कि दूरदर्शी प्लानिंग और ठोस समाधान से मिलेगी।मैं ट्रैफिक नियम तोड़ने के पक्ष में नहीं हूँ, पर प्रशासन की नियत ‘वसूली’ नहीं बल्कि ‘सुविधा’ होनी चाहिए।बिलासपुर की जनता पहले ही ट्रैफिक के बोझ से त्रस्त है, ऊपर से चालान का आर्थिक बोझ डालना अनुचित है।जब तक सड़कें और पार्किंग की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक चालान से सिर्फ परेशानी बढ़ेगी, समस्या हल नहीं होगी।
