
शिविर में *तनाव मुक्त* ,*आनंद में* शांतिपूर्ण और *सफल जीवन* जीने की कला , एवं सांसारिक जीवन के प्रत्येक पहलू में संतुलन कैसे कर सकते हैं ? अपने जीवन को आनंदपूर्वक जीते हुए कैसे हम मंगल पूर्वक सार्थक कर सकते हैं ? के संबंध में बताया गया । और अनुभव कराया गया l 63 पुराने संन्यासियों के बीच 22 नए साधकों ने संतो की दिव्य उपस्थिति में *ओंकार की दीक्षा* प्राप्त की और जीवन को धन्य किया।इस प्रकार कुल 85 संन्यासियों ने गुरुप्रेम में सराबोर होकर अंत में उत्सव का आनंद लिया।शिविर में मां जगदीश सलूजा ,आचार्य पृथ्वी पाल सिंह, आचार्य योगेश पांडे आचार्य के. आर .सिंह , आचार्य पद्मराज बघेल , आचार्य नवीन गुप्ता जी आदि उपस्थित थे lशिविर का आयोजन *समर्थगुरु धारा साधना केंद्र चांपा एवं समर्थगुरू धारा ध्यान केंद्र कुदुदंड*, बिलासपुर छत्तीसगढ़ द्वारा किया गया lजय समर्थगुरुदेव,,,जय ओशो,,,जय सूफी बाबा,,🌹🪷🙏🏻🪷🌹
