
बिलासपुर। शहर के सिम्स अस्पताल के पीछे विकसित रिवर रोड क्षेत्र को नागरिकों के लिए आकर्षक, व्यवस्थित और रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से स्मार्ट सिटी परियोजना एवं नगर निगम द्वारा व्यावसायिक दुकानों का निर्माण कराया गया था। इन दुकानों का उद्देश्य यहां आने वाले लोगों को चाय-नाश्ता, खानपान तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना और स्थानीय युवाओं एवं बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना था। लेकिन परियोजना का एक हिस्सा आज भी अपने उद्देश्य से कोसों दूर दिखाई दे रहा है।लाखों रुपये की लागत से निर्मित दुकानों पर अव्यवस्था का कब्जारिवर रोड पर निर्मित दो व्यावसायिक परिसरों में से एक परिसर में दुकानें संचालित हो रही हैं और वहां व्यवसायिक गतिविधियां जारी हैं। वहीं दूसरे परिसर की लगभग 8 से 10 दुकानें निर्माण के बाद से आज तक बंद पड़ी हुई हैं। लंबे समय से उपयोग नहीं होने के कारण इन दुकानों के आसपास अव्यवस्था का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार बंद दुकानों के परिसर का दुरुपयोग किया जा रहा है। कहीं मवेशी बांधे जा रहे हैं तो कहीं निजी वाहनों की पार्किंग बना दी गई है। परिसर में कचरे के ढेर, मवेशियों का मल-मूत्र तथा फैली गंदगी के कारण पूरा क्षेत्र बदहाल नजर आता है। इससे न केवल परिसर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लाखों रुपये की सार्वजनिक राशि से निर्मित इन दुकानों का वर्षों तक बंद रहना योजना के उद्देश्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि इन दुकानों का शीघ्र आवंटन कर संचालन शुरू कराया जाए तो एक ओर सरकारी संपत्ति का सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर अनेक युवाओं और जरूरतमंद लोगों को रोजगार एवं आय का स्थायी माध्यम भी उपलब्ध हो सकेगा। नागरिकों ने यह भी मांग की है कि बंद पड़े परिसर से अवैध कब्जे हटाए जाएं, नियमित साफ-सफाई कराई जाए तथा मवेशियों और अवैध पार्किंग पर रोक लगाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो सरकारी संपत्ति लगातार उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार होती रहेगी। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह किया है कि पूरे परिसर का निरीक्षण कर बंद दुकानों के संचालन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए तथा सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण और सदुपयोग के लिए ठोस एवं स्थायी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका मानना है कि इससे रिवर रोड क्षेत्र की उपयोगिता बढ़ेगी, शहर की सुंदरता में भी वृद्धि होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
