
बिलासपुर। कानन पेंडारी प्राणी उद्यान से लगभग 40 चीतलों को कबीरधाम स्थित भोरमदेव जू भेजने की तैयारी अंतिम चरण में है। इसके लिए वन विभाग ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे शीघ्र ही केंद्रीय प्राणी उद्यान प्राधिकरण (सीजेडए) की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा नया आयाम, तैयार किया गया स्थानांतरण प्रस्तावजानकारी के अनुसार कानन पेंडारी में वर्तमान में चीतलों की संख्या क्षमता से अधिक हो चुकी है। प्रजनन दर लगातार बढ़ने से इनके लिए पर्याप्त स्थान और संसाधनों का प्रबंधन चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में वन्यजीवों के बेहतर संरक्षण, संतुलित प्रबंधन और प्राकृतिक व्यवहार को बनाए रखने के उद्देश्य से 40 चीतलों को भोरमदेव जू स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई है। भोरमदेव जू में शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्यजीवों के लिए आधुनिक बाड़े विकसित किए गए हैं। वहां हिरण, चीतल, सांभर, नीलगाय, चौसिंगा, बारहसिंगा, जंगली सूअर, खरगोश सहित कई प्रजातियों के वन्यजीव पहले से मौजूद हैं। चीतलों के पहुंचने से जू की जैव विविधता और आकर्षण में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्थानांतरण से पहले सभी चीतलों का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और आवश्यक चिकित्सकीय जांच की जाएगी।सुरक्षित परिवहन के लिए विशेष वाहन एवं मानकों के अनुरूप व्यवस्था की जाएगी, ताकि वन्यजीवों को किसी प्रकार का तनाव या नुकसान न पहुंचे। विशेषज्ञों का मानना है कि वन्यजीव प्रबंधन में समय-समय पर इस प्रकार का स्थानांतरण आवश्यक होता है। इससे एक ही स्थान पर बढ़ती आबादी नियंत्रित रहती है, पशुओं को पर्याप्त आवास एवं भोजन उपलब्ध होता है और उनकी प्रजनन क्षमता भी स्वस्थ बनी रहती है। वन विभाग को उम्मीद है कि प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति मिलने के बाद आगामी महीनों में चीतलों का स्थानांतरण पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद भोरमदेव जू में आने वाले पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों को चीतलों का बड़ा समूह देखने का अवसर मिलेगा, वहीं कानन पेंडारी में भी वन्यजीवों के बेहतर प्रबंधन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
