
*बिलासपुर। ब्रह्माकुमारीज़ प्रभु दर्शन भवन, टिकरापारा में रविवार को आयोजित “रविवार विशेष” आध्यात्मिक सत्संग में ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने कहा कि आज विश्व में बढ़ते तनाव और अशांति के बीच सकारात्मक संकल्प, शुभभावना और सकाश ही मानव जीवन को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि स्वयं के विचारों को श्रेष्ठ बनाए और परमात्मा से शक्ति प्राप्त कर समाज के लिए शुभ संकल्प करे, तो सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देने लगता है।
पुराने संस्कारों का त्याग, श्रेष्ठ जीवन का आरंभ
मंजू दीदी ने कहा कि जैसे समय आने पर पुराना कैलेंडर बदल दिया जाता है, उसी प्रकार जीवन में भी नकारात्मक संस्कारों और बुरी आदतों को छोड़ना आवश्यक है। आलस्य, क्रोध, लापरवाही और नकारात्मक सोच व्यक्ति की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा हैं। इनके स्थान पर आत्मविश्वास, धैर्य, प्रेम, सहयोग और सहनशीलता जैसे दिव्य गुणों को अपनाकर ही सुखी, सफल और संतुलित जीवन का निर्माण किया जा सकता है।
सकाश से मिलती है मन को शक्ति, समाज को सकारात्मकता
उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से परमात्मा से प्राप्त होने वाली आध्यात्मिक ऊर्जा (सकाश) केवल स्वयं को ही नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी आशा, शांति और सकारात्मकता का संचार करती है। दिनभर के कार्यों के बीच कुछ क्षण स्वयं को आत्मा स्वरूप अनुभव कर परमात्मा का स्मरण करने का अभ्यास मन को स्थिर, शक्तिशाली और तनावमुक्त बनाता है। यही शुभभावना और शुभ विचार समाज में सद्भाव, सहयोग और मानवता के मूल्यों को सशक्त बनाने का आधार बनते हैं।
