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डीआईजी-एसएसपी रजनेश सिंह (आईपीएस) के जन्मदिवस पर होटल बंशीवाला संचालक एवं समाजसेवी दिनेश चंदानी की अनूठी पहलबिलासपुर। समाज में सकारात्मक परिवर्तन केवल बड़े अभियानों से ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे सार्थक प्रयासों से भी संभव है। इसी सोच को साकार करते हुए होटल बंशीवाला के संचालक एवं समाजसेवी दिनेश चंदानी ने डीआईजी एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह (आईपीएस) के जन्मदिवस पर पारंपरिक पुष्पगुच्छ (बुके) के स्थान पर प्रेरणादायक पुस्तक “Wings of Fire” भेंट कर एक सशक्त सामाजिक संदेश दिया—“बुके नहीं… बुक दीजिए।”यह पहल केवल जन्मदिवस की शुभकामनाएँ देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज में पढ़ने की संस्कृति, ज्ञान के महत्व और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का प्रेरक संदेश भी बन गई। जहाँ फूलों का बुके कुछ समय बाद मुरझा जाता है, वहीं एक अच्छी पुस्तक जीवनभर व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है, प्रेरित करती है और उसके व्यक्तित्व को समृद्ध बनाती है।दिनेश चंदानी ने बताया कि यदि जन्मदिन, सम्मान समारोह, विवाह, सेवानिवृत्ति, स्वागत या अन्य शुभ अवसरों पर फूलों की बजाय पुस्तकें भेंट करने की परंपरा विकसित हो, तो यह समाज में शिक्षा, संस्कार और ज्ञान की एक नई अलख जगा सकती है। एक पुस्तक केवल उपहार नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का माध्यम होती है।होटल बंशीवाला परिवार लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। इसी क्रम में शुरू किया गया “बुके नहीं… बुक दीजिए” अभियान लोगों को यह सोचने के लिए प्रेरित करता है कि सबसे मूल्यवान उपहार वही है, जो किसी के जीवन में ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मक परिवर्तन का कारण बने।यह पहल आज के समय में एक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप लेने की क्षमता रखती है। यदि अधिक से अधिक लोग इस विचार को अपनाएँ, तो हर शुभ अवसर केवल औपचारिकता नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, जागरूकता और समाज निर्माण की दिशा में एक सार्थक योगदान बन जाएगा।“बुके नहीं… बुक दीजिए” केवल एक स्लोगन नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ता हुआ एक प्रेरक जन-जागरूकता अभियान है।
