रामाग्रीन सिटी स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, देशभक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में सभी ने मिल-जुलकर देशभक्ति गीतों का गायन किया तथा राष्ट्र के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण की भावना व्यक्त की।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी *अंजू दीदी* ने स्वतंत्रता दिवस के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत बाहरी रूप से स्वतंत्र तो हो गया है, लेकिन आज भी मनुष्य अनेक मानसिक एवं आंतरिक बंधनों में जकड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सच्ची स्वतंत्रता केवल बाहरी बंधनों से मुक्ति नहीं, बल्कि मन के विकारों और नकारात्मक विचारों से मुक्ति है।
उन्होंने बताया कि जब मनुष्य स्वयं को केवल शरीर न मानकर अपने वास्तविक स्वरूप आत्मा के रूप में पहचानता है, तब वह देह के बंधनों से ऊपर उठने की यात्रा शुरू करता है। आज मनुष्य काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे पांच विकारों के बंधन में बंधा हुआ है। इन बंधनों से मुक्त होकर ही व्यक्ति वास्तविक शांति और स्वतंत्रता का अनुभव कर सकता है।
ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी ने कहा कि राजयोग ध्यान आत्मिक शक्ति को जागृत करने का सहज माध्यम है। परमात्मा शिव से मन का संबंध जोड़कर आत्मा अपने वास्तविक स्वरूप और शक्तियों को पहचानती है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास किया तथा मन और देह के बंधनों से मुक्त होने के लिए परमात्मा शिव का ध्यान किया।
*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां*
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक एवं भावपूर्ण बना दिया। *आसी बहन* ने सुंदर कथक नृत्य की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। वहीं छोटी *इसी बहन* ने देशभक्ति गीत के माध्यम से देश के प्रति अपना प्रेम और समर्पण अर्पित किया।
इसके साथ ही *शरणजीत भैया* ने देशभक्ति गीत एवं नाटक के माध्यम से भावपूर्ण एवं भव्य प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सराहा। *बाल्मीकि भाई* एवं *रोशनी बहन ने* भी सुंदर देशभक्ति गीत की प्रस्तुति दी एवं *लक्ष्मी बहन* ने भी छत्तीसगढ़ का राजकीय गीत गाकर वातावरण को वातावरण को देशप्रेम से भर दिया।
सभी प्रस्तुतियों में देशभक्ति, संस्कृति, आध्यात्मिकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सुंदर झलक देखने को मिली। उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और तालियों के साथ उनका अभिनंदन किया।
अंत में सभी ने एक साथ मिलकर देशभक्ति गीत का गायन किया एवं परमात्मा शिव का ध्यान कर सच्ची स्वतंत्रता मनाई
कार्यक्रम ने सभी को यह प्रेरणादायी संदेश दिया कि देश की स्वतंत्रता के साथ-साथ अपने मन को काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों से स्वतंत्र बनाना ही सच्ची स्वतंत्रता की ओर कदम है। इस प्रकार उक्त कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ
