बोलिए — सनातन धर्म की जय!
कुलदेवता, कुलदेवी एवं कुलगुरु साहिब की जय!
चालीहा महोत्सव के पावन अवसर पर बालाघाट वाले संत महेश कुमार जी द्वारा सत्संग, कीर्तन एवं नाम सिमरन की भावपूर्ण सेवा की जा रही है। संत महेश कुमार जी निरंतर विभिन्न शहरों में पहुंचकर श्रद्धालुओं को उनके आराध्य देव, कुलदेवता, कुलदेवी एवं कुलगुरु साहिब के प्रति आस्था और धर्म-संस्कृति से जुड़ने का संदेश दे रहे हैं।
संत महेश कुमार जी अब तक 100 से अधिक शहरों में सत्संग, भजन-कीर्तन एवं नाम सिमरन की सेवा कर चुके हैं। उनका उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना ही नहीं, बल्कि समाज को अपनी सनातन धर्म परंपराओं और संस्कृति की जड़ों से जोड़ना है।
संत महेश कुमार जी का कहना है कि प्रत्येक धार्मिक अनुष्ठान हमारी धर्म-संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के अनुरूप होना चाहिए। किसी भी प्रकार के अंधविश्वास को अपनाने से पहले हमें अपने अंतर्मन से सवाल करना चाहिए और धर्म के वास्तविक संदेश को समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि हम अपने आराध्य देव और कुलगुरु को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो हमें केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके वचनों को समझकर अपने जीवन में उतारना चाहिए और उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। सच्ची भक्ति वही है, जिसमें श्रद्धा के साथ अच्छे कर्म, सेवा, सत्य और सदाचार का समावेश हो।
सत्संग, नाम सिमरन और सेवा के माध्यम से धर्म-संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणादायी है।
बोलिए — सनातन धर्म की जय!
कुलदेवता-कुलदेवी एवं कुलगुरु साहिब की जय!
