*बिलासपुर।* ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज़ का *10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान* बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल, मोपका व महायोगपीठधारा अघोरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचा। ब्रह्माकुमारी *मंजू दीदी के मार्गदर्शन* में आयोजित कार्यक्रम में बीके *गायत्री दीदी* ने कहा कि आज नशे का रूप केवल मादक पदार्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग की आदत भी विद्यार्थियों के समय और भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि मोबाइल और गेमिंग का उपयोग मनोरंजन तक सीमित रहे। जब किसी आदत पर व्यक्ति का नियंत्रण खत्म होकर वही आदत उसके समय और दिनचर्या को नियंत्रित करने लगे, तो वह नुकसानदायक निर्भरता बन जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि *कीमती समय को स्क्रीन पर गंवाने के बजाय पढ़ाई, खेल, योग, ध्यान और रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं।* साथ ही बड़े लक्ष्य रखने, अच्छी संगति और अच्छे विचार अपनाने तथा श्रेष्ठ चरित्र का निर्माण करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य *सुतापा सरकार* ने भी विद्यार्थियों को समय का महत्व समझाते हुए सकारात्मक आदतों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। अंत में विद्यार्थियों ने मोबाइल और गेमिंग की लत से बचने, समय का सदुपयोग करने और नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया।
*महायोगपीठधारा में भी गायत्री दीदी व आचार्य मनोहर भंडारी गुरु जी ने लोगों को नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया।*
