विजय की ✒कलम
देश :- रूस यूक्रेन अमेरिका इजरायल और ईरान का युद्ध अब लोग भूल गए , क्योंकि मोदी ने किया ऐसा धमाल जनता हुई बेहाल पहले पेट्रोल डीजल ने लगाई आग ,अब चिनी ने किया हमारा बुरा हाल, 40 की शक्कर 80 पहुची? और कहती है डॉलर को पशाड़ दूंगी सौ पार हो जाऊंगी और पूरे देश की विजेता कहलाऊंगी अमेरिका को भी धूल चटाऊंगी भारतवासियों को शुगर से बचाऊंगी फिकी चाय पिलाऊंगी, दोस्तों यह तो हंसी मजाक की बातें हुई वाकई में जनता का बुरा हाल है पहले जनता को महंगाई ने किया परेशान और अब
तेल का रेट भी स्पीड से दौड़ रहा है इथेनॉल के कारण गाड़ियां बीच में खराब हो रही है ? और रही से ही कसर इसकी चिनी में डबल करके पूरी कर दी त्योहार के पहले ही शचक्कर दुगनी हो गई
(अब बहना कहती है भैया से रांखी का वादा निभाना घर से चिनी 10 किलो लेकर आना )
जब से गडकरी जी ने अपने विभाग पर ध्यान देना कम दिया है ? बेटों पर ध्यान ज्यादा दे रहे है? तब से सड़क एक्सप्रेस सब हो रहे हैं डावा डोल और एक ही बारिश में खुल रही है इनकी पोल और गडकरी जी कहते हैं यह काम पेट्रोल मंत्री का है उससे पूछो मेरा काम है पेट्रोल में एथेनॉल मिलना ? मेरे बेटो का काम है बिजनेस करना? बड़ी मुश्किल से यह सत्ता आई है कुर्सी पकड़ के जमाई है नागपुर से दिल्ली पहुंचा हूं क्या बस,
एक्सप्रेस और सड़क बनाने के लिए? मोदी जी ने कहा था न खाऊंगा न खाने दूंगा पर कितने साल के लिए यह नहीं बताया था,
इसलिए अब कुछ बात को बोलना बेकार है वैसे भी जनता का हाल बुरा है,
इनके कुछ नेता बोलते हैं मोदी जी ने रेट बढ़ाकर चीनी का अच्छा कर दिया लोगों को शुगर से बचा रहे हैं हमारे माहन अनुभव महान ज्ञानियों पेट्रोल रेट को भी 200 कर दो ताकि लोग गाड़ी चलाएंगे नहीं पैदल चलेंगे साइकिल से चलेंगे और लोकल में चलेंगे अपना जीवन को सफल बनाएंगे ,
इतनी बड़ी पार्टी के नेता होकर भी इतनी छोटी सी समझ नहीं है कि क्या बोलना चाहिए क्या नहीं बोलना चाहिए बस जनता के जले पर नमक छिड़कते रहो,
तुमको तो ऊपर से नीचे तक मालपानी मिल रहा है?
गरीब जनता कहां जाएगी सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार तो अब हो रहा है? इथेनॉल के चक्कर में शक्कर का रेट बढ़ गया अब चावल का रेट भी बड़ेगा क्योंकि एथेनॉल में चावल भी लगता है पहले लंबे-लंबे भाषण दिए गए साल भर सोना न खरीदे विदेश यात्रा न करें डॉलर को बचाएं और अब जो आप बाहर से चीनी मंगा रहे हैं क्या वह फोकट में आ रही है या हमारा साला ससुर भेज रहा है?
क्या उसमें डॉलर खर्च नहीं हो रहा है
अब समय की पुकार यही है पहले भी कहा था फिर से बोलते हैं मोदी जी आपने खूब सेवा की गुजरात की और देश की अब आराम कीजिए आपका समय अब आराम का है छुट्टी का है वैसे भी अपने 12 साल से कोई छुट्टी नहीं ली है अब लंबी छुट्टी पर जाइए कुछ आरम कीजिए और गद्दी को खाली कीजिए योगी जी को आने दीजिए,
आप तो अकेले हो आपको कोई चिंता नहीं है घर में बाहर की हम तो बीवी बच्चे वाले हैं हमको परिवार को भी देखना है और बाहर भी देखना है तो हम जैसे परिवार वालों के ऊपर कृपा कीजिए कुर्सी को जल्दी से खाली कीजिए,
आपने नियम बनाया था सबको किनारे लगाया था अब बारी आपकी आई तो 2047 याद आ रहा है अपने जुबान पर पक्के रहो अन्य पार्टी की तरह पलटी मत खाओ? कुर्सी को खाली करो, गरीब जनता पर और वार मत करो? महंगाई का बम मत फेंको? जनता बहुत परेशान है इथेनॉल बनाना बंद करो पेट्रोल डीजल का रेट कम करो चिनी को वापस 40 करो महंगाई को कम करो जनता के भरोसे का ख्याल रखो
और चीनी के रेट को कम करो,
जब जब न्यूज़ चैनल चालू करो हर समय एक ही डिबेट चलती है इथेनॉल और चीनी के ऊपर ही चर्चा और बात चल रही है सुबह अखबार खोलो उसमें भी यही लिखा रहता है इतना रेट बढ़ गया जनता यह देखकर पढ़ कर परेशान हो गई है सामने तिज त्योहार आ रहे हैं टेंशन हो गई है एक तो बरसात ने बेहाल कर दिया बाढ़ ने परेशान कर दिया ऊपर से इस महंगाई ने जले पर नमक छिड़क दिया है अब जनता जाए तो जाए कहां क्या करें लगता है 2027 के यूपी के चुनाव की तैयारी हो रही है इसीलिए उसका रेट बढ़ाया गया है ताकि मालपानी अंदर आ सके ? चुनाव में खर्च होगा वैसे भी मोदी जी को पता है यह भारत की जनता है 4 दिन चिल्लाती है सड़क पर आती है फिर सब कुछ भूल जाती है इसीलिए
(अब सबको खिलाएंगे मेलोडी खाओ और खुश 😄😃😁हो जाओ, )
अब देखना यह है कि जनता आने वाले त्योहार कैसे मनाती है राखी , कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश उत्सव और अन्य त्योहार पर क्या करती है सब कुछ भूल जाती है या सड़क पर उतर के आती है
या मोदी जी इस महंगाई के मुद्दे को दबाने के लिए कोई नया मुद्दा सामने लेकर आ जाएं,
ताकि जनता भूल जाए और नए मुद्दे को याद रखें वैसे भी नेताओं का यह काम पुराना है यह चाल भी बहुत पुरानी है जो हर पार्टी ने आजमाया है जनता को मूर्ख बनाया है
देखते हैं जनता इस बार मूर्ख बनती है कि नहीं
मोदी जी याद रखना अटल जी के समय प्याज ने रुलाया था अटल जी की सरकार चली गई थी आपका तो अभी टाइम है पर यूपी में चुनाव सामने हैं
कहीं जनता पासा न पलट दे
यूपी की सत्ता हाथ से चली न जाए इस बात को भूलना नहीं जनता अब समझदार हो चुकी है अब कोई भी जुमले में फंसेगी नहीं चीनी और महंगाई को भूलेगी नहीं
संपादकीय
