समापन समारोह
2008 में ब्रह्मलीन ठकुर बाबा नंदलाल साहिब जी की आज्ञा से शुरू किया गया था श्री महेश पमनानी जी द्वारा बालाघाट में श्री प्रेम प्रकाश दरबार साहिब में यह सेवा कार्य। जो आज भी चले आ रहा है।।
श्री महेश पमनानी जो आज
!! ठकुर साई बालाघाट वाले !!
के नाम से जाने जाते है जिनके ऊपर साई झूलेलाल जी की असीम कृपा सतगुरू स्वामी टेहूंराम जी ओर ठकुर बाबा नंदलाल साहिब का आशीर्वाद हैं उनकी सेवा ओर प्रेरणा से आस पास के अन्य शहरों ओर बालाघाट में 5 स्थान पर होती हैं चालीहा महोत्सव की मोज
श्री प्रेम प्रकाश दरबार में 2008 (शुरुआत )
श्री झूलेलाल मंदिर सिंधु भवन
2019
श्री झूलेलाल मंदिर सिंधी कॉलोनी 2021
श्री रामदास दरबार
2022
श्री बाबा धर्मदास दरबार में
2023 को ज्योति प्रकाश करके ठकुर साई महेश जी की प्रेरणा ओर सहयोग से यह निरंतर होती हैं सेवा सभी समितियाँ ओर दरबार करते है नितनेम
आखरी के पांच दिन में होते है श्री वरुण धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम जिसमें बाहर से आमंत्रित संतों ओर सूफी कलाकारों द्वारा होते है सत्संग ओर भजन संध्या 41 वे दिन होती है बहराना साहिब जी की शोभा यात्रा जो श्री झूलेलाल मंदिर सिंधी कॉलोनी से निकल कर शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए मोती तालाब पर ज्योति विसर्जन होती हैं मुख्य ज्योति साहिब के साथ बाकी दरबार ओर समिति के बहराने भी होते है शामिल सभी देते है एकता का परिचय।। साई महेश जी द्वारा जानकारी मिली की वह स्वयं पहले 2008 से 2023 तक निरंतर सावन महीने के चालीहा महोत्सव पर उपवास ओर नियम करते थे किन्तु अब संगत ओर अन्य शहरों के प्रेमी बंधुओं ओर जहाँ पहले ठकुर साई महेश जी की प्रेरणा से चालीहा साहिब की ज्योति जगा चुके है उनके निमंत्रण प्रेम खातिर ओर ठकुर बाबा नंदलाल साहिब के हुक्म अनुसार की जगह जगह ज्योति साहिब ओर श्री झूलेलाल जी के शौर्य गाथा के प्रचार हेतु जाना .. इसलिए ठकुर साई महेश जी द्वारा अब स्वय नाहरी महीने वाले चालीहा पर उपवास ओर नित नेम किया जाता हैं इस वर्ष यह सेवा बालाघाट के नजदीक वारासिवनी शहर हुई थी।।
विजय दूसेजा द्वारा प्रश्न की चालीहा आपके शहर में इतनी जगह चालीहा कियों तो उतर में श्री साईं महेश जी ने बताया शहर अब बढ़ रहा है कॉलोनी भी बढ़ रही है संगत की सुविधा को देखते हुए किया गया है किन्तु मुख्य कार्यक्रम एक जगह होते है और मुख्य बहराने साहिब में सभी एक जगह सिंधु भवन में एकत्रित होकर शोभायात्रा का लाभ लेते हैं जिसमें बालाघाट की पूज्य सिंधी पंचायत समिति का योगदान होता हैं।।
आखिर में साईं महेश जी ने बस इतना कहा की….
खुश रहन छल सेवादारी…..
सेवा जिन खे प्यारी प्यारी….
साई महेश वने बलिहारी हारी…
खुश रहन छल सेवादारी….
