सतगुरु संत शदाराम साहेब जी की असीम कृपा एवं पूज्य माता साहिब हासी देवी जी के 200वें जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में रविवार को शदाणी दरबार के नवम पीठाधीश्वर पूज्य संत श्री डॉ. युधिष्ठिर लाल जी महाराज के पावन सानिध्य में शदाणी सेवा मंडल ट्रस्ट द्वारा
संत राजाराम चैरिटेबल हॉस्पिटल सिंधु नगर अमरावती में नवीन गौशाला का भूमिपूजन पूर्ण विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
इस पुनीत अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह एवं संगत को अपने आशीर्वचनों से अनुग्रहित करते हुए पूज्य संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी ने कहा, “गाय और गंगा का करो सम्मान, तभी बनेगा भारत महान।” उन्होंने गौ महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जितने भी संत-महात्मा हुए हैं, वे सभी सदैव गौ माता के अनन्य सेवक रहे हैं। गौ माता केवल दुग्ध प्रदाता पशु नहीं हैं, बल्कि उनके भीतर समस्त 33 कोटि देवी-देवताओं का वास है। वह जगत जननी, धरती माता और साक्षात धर्म का स्वरूप हैं। हमारी सनातन संस्कृति, सभ्यता और अस्मिता की मूल पहचान गौ माता ही हैं।
संत श्री ने शदाणी दरबार की परंपरा का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि दरबार का मूल आधार (गर्भगृह) धूणी साहिब है। गौ माता से प्राप्त पंचगव्य पदार्थों के बिना न तो धूणी साहिब का निर्माण संभव है और न ही पावन भस्म तैयार हो सकती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति का अपना गुरु और निष्ठा हो सकती है, किंतु हम सभी का साझा स्वाभिमान और धर्म का आधार गौ माता हैं। गौ सेवा के बिना धर्म की कल्पना भी असंभव है।
भूमिपूजन का धार्मिक अनुष्ठान मुख्य पुरोहित पंडित महेश शर्मा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। इस पावन अवसर पर विभिन्न शहरों से पधारे संत-महात्मा, ब्राह्मण स्वामी, सामाजिक प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु व संगत उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों ने गौ सेवा और संरक्षण का संकल्प लिया।
