बिलासपुर। सिंधी कॉलोनी बिलासपुर में जय झूलेलाल गणेश उत्सव समिति द्वारा प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी गणेश उत्सव के अवसर पर भव्य महाआरती एवं भंडारे का आयोजन किया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों, युवाओं एवं श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया।
समिति के प्रमुख सदस्य मनीष गुरवानी ने बताया कि समिति द्वारा पिछले करीब 40 वर्षों से गणेश उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमा स्थापित करने के साथ पंडाल की सजावट में कुछ नया करने का प्रयास किया जाता है। इस वर्ष स्थापित प्रतिमा और पंडाल के माध्यम से एकता में अनेकता का संदेश दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस बार भगवान गणेश जी के साथ भगवान झूलेलाल, भगवान श्रीकृष्ण एवं बाल गोपाल की प्रतिमाएं भी विराजमान की गई हैं। पंडाल को सनातन संस्कृति और धार्मिक भावनाओं के अनुरूप आकर्षक ढंग से सजाया गया है। पंडाल के प्रमुख स्थान पर भगवान महादेव का सुंदर चित्र भी लगाया गया है।
दीपों से जगमगाया पंडाल
महाआरती के अवसर पर
पंडाल को फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया। स्वास्तिक की सुंदर आकृति बनाई गई तथा दीप प्रज्वलित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान गणेश, भगवान झूलेलाल और भगवान श्रीकृष्ण की आरती की गई। आरती के पश्चात सामूहिक प्रार्थना एवं पल्लव किया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए महाभंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सात दिनों तक सुबह-शाम आरती और भंडारा
मनीष गुरवानी ने बताया कि 11 दिवसीय गणेश उत्सव के दौरान करीब एक सप्ताह तक सुबह-शाम आरती के साथ भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल हो रहे हैं। उत्सव के अंतिम दिन भी विशेष महाआरती एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि समिति से अब वरिष्ठजनों के साथ-साथ युवा पीढ़ी भी कंधे से कंधा मिलाकर जुड़ रही है और धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में अपनी सेवाएं दे रही है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी भक्तजनों एवं समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया जिसमें प्रमुख है मनीष गुरबानी, संजय चंदवानी अमित गुरबानी, विक्की केवलानी माधव विजय चंद्र अशोक अजय ,दक्ष चंदवानी, वंश चंदवानी, दीपक गुरबानी गौरव टुकटुक धैर्य मुकेश पवन गुलशन गौरव, हर्ष कार्तिक तनाय , महिलाओं की बड़ी संख्या में शामिल रही, लक्ष्मी देवी आशा गुरबानी दुर्गा केवलानी भगवती संतवानी कलावंती, रितु रिया कशिश , पूनम आरती अंजू माला प्रीत, मंजू पूजा, साक्षी, प्राची खुशबू कीर्ति जिया रिचा रोशनी, वशी, डिंपल, सौम्या, हर्षी चंदवानी, अजीत थावरानी किशोर कृपलानी विजय दुसेजा,शिव कुमार,
तरुण
