– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। तखतपुर के समीप मनियारी नदी के तटीय इलाकों में कथित अवैध रेत उत्खनन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात पोकलेन और जेसीबी मशीनों के जरिए नदी से बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही है। लगातार हो रहे उत्खनन के कारण नदी के कई हिस्सों में गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित होने के साथ आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ने से ग्रामीण चिंतित
ग्रामीणों के अनुसार, मनियारी नदी क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए जीवनदायिनी है। लगातार रेत उत्खनन से नदी के कई हिस्सों में गहरे गड्ढे बन गए हैं। रेत निकालने के लिए भारी मशीनों के इस्तेमाल से नदी का स्वरूप बदलता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में नहाने अथवा पानी लेने जाने वाले बच्चों और अन्य लोगों के साथ कभी भी हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और खनिज विभाग से अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने तथा नदी में बने गहरे गड्ढों को सुरक्षित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र के नागरिक आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे।
संरक्षण देने का भी लगाया आरोप
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर भी संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ स्थानों पर कथित रूप से पोकलेन और जेसीबी मशीनों से लगातार रेत उत्खनन किया जा रहा है। जब स्थानीय लोग या पर्यावरण प्रेमी अवैध उत्खनन का विरोध करते हैं अथवा अधिकारियों से शिकायत की बात कहते हैं, तो उन्हें कथित तौर पर दबाव और धमकी का सामना करना पड़ता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी से निकाली जा रही रेत को आसपास के क्षेत्रों में ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है। यदि बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन हो रहा है तो इससे शासन को राजस्व की क्षति के साथ आम लोगों पर भी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
खनिज विभाग की भूमिका पर उठे सवाल
मनियारी नदी में लगातार कथित अवैध उत्खनन को लेकर ग्रामीणों ने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को कई बार इसकी जानकारी दिए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका आरोप है कि मौके पर कार्रवाई नहीं होने से रेत कारोबारियों के हौसले बढ़ रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी
ग्रामीणों ने नदी में चल रहे रेत उत्खनन की जांच, उत्खनन में इस्तेमाल हो रही मशीनों की जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। साथ ही नदी में बने गहरे गड्ढों को सुरक्षित कराने की भी मांग की गई है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही मामले की जांच कर अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई, तो क्षेत्र के नागरिक आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे।
