व्यापार विहार में युवा समिति के भव्य माता जागरण में उमड़ा जनसैलाब, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने लगाई हाजिरी
बिलासपुर। नवरात्रि के पावन अवसर पर माता रानी की भक्ति, आस्था और श्रद्धा से सराबोर व्यापार विहार की बड़ी पार्किंग में 12 अक्टूबर 2026 को युवा समिति व्यापार विहार द्वारा भव्य माता जागरण का आयोजन किया गया। विगत 14 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित जागरण में सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर ने अपनी सुरीली आवाज और भक्तिमय प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि देर रात तक पूरा परिसर माता के जयकारों और भजनों से गूंजता रहा। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और हर तरफ माता रानी की भक्ति में लीन भक्त नजर आए।
दीप प्रज्वलन और माता की आरती से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत रात्रि 9 बजे माता रानी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन और आरती के साथ हुई। आयोजन समिति की ओर से माता रानी को चुनरी अर्पित की गई। इसके पश्चात अतिथियों और आयोजनकर्ताओं ने भजन गायिका शहनाज अख्तर का स्वागत एवं सम्मान किया। बड़ी पार्किंग में आकर्षक मंच सजाया गया था तथा श्रद्धालुओं के बैठने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
शहनाज अख्तर ने कहा—बिलासपुर आकर लगता है, अपने घर आई हूं
भजन संध्या की शुरुआत माता रानी के भजनों से हुई। शहनाज अख्तर ने अपनी मधुर आवाज में एक के बाद एक भक्ति गीत प्रस्तुत किए। उनके भजनों पर श्रद्धालु झूमने, गाने और माता की भक्ति में लीन होने लगे। शहनाज ने हिंदी और छत्तीसगढ़ी गीतों के माध्यम से श्रोताओं की फरमाइशें भी पूरी कीं। पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
इस अवसर पर शहनाज अख्तर ने बिलासपुर के लोगों के प्रति अपना स्नेह व्यक्त करते हुए कहा कि बिलासपुर आकर उन्हें ऐसा लगता है, मानो वह अपने घर आई हों। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया और बिलासपुरवासी विशेष रूप से प्रेम करने वाले लोग हैं। यहां के लोगों से कलाकारों को जो प्यार, मान-सम्मान और सत्कार मिलता है, वह उनके लिए बहुत बड़ी बात है। यही स्नेह उन्हें बार-बार बिलासपुर आने के लिए प्रेरित करता है।
संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों ने लगाई हाजिरी
इस भव्य आयोजन में धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक क्षेत्र की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने पहुंचकर माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाई। प्रमुख रूप से झूलेलाल मंदिर चकरभाठा के संत साईं लालदास जी, बिलासपुर के लोकप्रिय विधायक एवं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, कलेक्टर संजय अग्रवाल, महापौर पूजा विधानी, प्रिंस भाटिया, रायपुर उत्तर के पूर्व विधायक श्रीचंद सुदरानी , राधाकृष्ण सुदरानी, परमानंद कुकरेजा, समाजसेवी अमोलक सिंह भाटिया, पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत बिलासपुर के अध्यक्ष विनोद मेघानी, , तोरवा के पार्षद मोती गंगवानी, पूर्व सांसद लखन साहू, युवक समिति बिलासपुर के अध्यक्ष मनीष लाहोरानी, संरक्षक अमर बजाज तथा कैट बिलासपुर के अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, व्यापारी संगठनों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
स्मृति चिह्न देकर अतिथियों का किया सम्मान
आयोजनकर्ताओं ने कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथियों एवं सम्मानित जनों को स्मृति चिह्न प्रदान कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम की कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों का भी स्वागत एवं सम्मान किया गया। हमर संगवारी के संपादक विजय दुसेजा, गोविंद दुसेजा तथा अन्य मीडिया प्रतिनिधियों ने आयोजन की गतिविधियों को कवर किया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़, छतों और दुकानों से भी देखते रहे लोग
जागरण में श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि पार्किंग परिसर में बैठने की जगह कम पड़ गई। माता के दर्शन और भजनों का आनंद लेने के लिए लोग आसपास की दुकानों की छतों और अन्य स्थानों पर खड़े होकर कार्यक्रम देखते रहे। कुछ लोग पेड़ों पर चढ़कर भी जागरण का आनंद लेते नजर आए। शहनाज अख्तर ने बीच-बीच में श्रद्धालुओं से आराम से बैठकर कार्यक्रम का आनंद लेने और सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील भी की।
आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, चाय और नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया गया।
युवा समिति और कैलाश मार्केटिंग का विशेष योगदान
इस भव्य माता जागरण को सफल बनाने में युवा समिति व्यापार विहार के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। साथ ही कैलाश मार्केटिंग के संचालक कैलाश मलघानी, उनकी पूरी टीम और परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजनकर्ताओं की मेहनत, श्रद्धालुओं की अपार आस्था और शहनाज अख्तर की शानदार भजन प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
माता रानी की भक्ति और जयकारों के बीच देर रात तक चले इस जागरण ने व्यापार विहार में श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास का अदभुत वातावरण निर्मित किया
और एक यादगार जागरण के रूप में यह साल भी लोगों के मन में बस गया
