
(भोपाल) नवरात्रि का पावन पर्व केवल व्रत और पूजा का नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है। इसी आस्था और धर्म को समर्पित एक दिव्य देवी जागरण का आयोजन निज-निवास पर किया गया।इस भक्तिमय संध्या में माँ दुर्गा के जयकारों से वातावरण गूँज उठा। इस अवसर पर समाज के हर क्षेत्र से हमारी माताएँ-बहनें एक मंच पर एकत्रित हुईं – चाहे वो राजनीतिक क्षेत्र हो, सामाजिक सेवा हो, धार्मिक क्षेत्र हो या करणी सेना जैसी संगठन से जुड़ी वीरांगनाएँ हों। विभिन्न क्षेत्रों से आई समस्त महिलाओं ने एक साथ, एक स्वर में माता रानी के भजनों का आनंद लिया। यह दृश्य सच में अद्भुत था – जब सभी भेदभाव भूलकर, सभी मातृशक्ति सिर्फ एक भाव से जुड़ीं।यह आयोजन केवल एक जागरण नहीं था, यह हमारी संस्कृति का जीवंत दर्शन था। जहाँ नारी ही देवी है और देवी ही नारी है। नवरात्रि हमें यही सिखाती है कि जब-जब माताएँ-बहनें एकजुट होती हैं, तब-तब समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों का संचार होता है।जय माता दी
