
आखिर कौन देता है पनाह,क्यों खामोश है विपक्ष…….. ऑनलाइन सट्टा ### महादेव सट्टा: ### सटोरियों को तिल्दा का तत्कालीन टीआई देता था पनाह…🛑🛑मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साफ कह दिया है कि सट्टा मामले में शामिल किसी भी पार्टी से जुड़ा व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा।स्रोत:
रायपुर से प्रकाशित खबर का पाठ रायपुर । CBI की रेड के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साफ कह दिया है कि सट्टा मामले में शामिल बीजेपी का हो या कांग्रेस का कोई बख्शा नहीं जाएगा। जबकि दोनों पार्टी के नेता यह काम खुले मैदान में कर रहे हैजिन IPS अफसरों के यहां रेड हुई है, उनमें से एक आईपीएस जब रायपुर में एसपी के पद पर कार्यरत थे, तब तिल्दा नेवरा में पदस्थ एक टीआई, जो तत्कालीन रायपुर एसएसपी के सबसे करीबी माने जाते थे, उनके द्वारा मुंबई, बिलासपुर के सटोरियों को बुलाकर तिल्दा के एक सटोरिये के घर से सट्टे का संचालन कराया जाता था।टीआई के संरक्षण में करीब एक साल तक खुलेआम सट्टे का कारोबार चलता रहा। एसएसपी का चहेता होने के कारण टीआई के संरक्षण में अवैध गैस रिफिलिंग कर मामूली पैसे कमाने वाला युवक खुलेआम सट्टे का कारोबार करने लगा और देखते ही देखते वह करोड़ों का मालिक बन गया।कटर कांग्रेसियों होने के बाद भी पैसों के दम पर एक तथाकथित भाजपा के जिला पदाधिकारी के सहयोग से भाजपा प्रवेश कर लिया और 2021 के चुनाव में पार्षद पद के लिए भाजपा की टिकट ले आया। और पैसों के दम पर चुनाव जीत भी गया। इसी बीच टीआई का तबादला हो गया। लेकिन उसके बाद तथा कथित नेता भाजपा नाम का कवच पहनकर शराब, महादेव सट्टे का बेताज बादशाह बन गया।आज जब भी भाजपा का कोई नेता या मंत्री शहर में आता है तो इस सट्टेबाज को पहले मिलाया जाता है। एक पक्ष को इसके कई पक्षों पर खूब खर्चा करने वालों से मिलता नजर आता है। ऐसे में चाहकर भी पुलिस का कोई आला अफसर उसके ऊपर सीधा हाथ डालने से घबराता है।अब तो सट्टे के साथ जमीनों पर भी कब्जा करने का गौरव धंधा शुरू कर दिया गया है। आज जिन अधिकारियों के यहां रेड हुई है, कांग्रेस के शासनकाल में इन अधिकारियों के पास रुपयों की हर महीने गाड़ी पहुँचाई जाती थी। अब भाजपा का शासन है, पहले से ही अधिकारी लूप लाइन में हैं। ऊपर से सीबीआई के छापे, जांच के बाद आज नहीं तो कल ये अधिकारी सलाखों के पीछे नजर आ सकते हैं? सट्टे बाज भले ही आज सत्ताधारी पार्टी का बता कर बच जाए, लेकिन जब विपरीत समय आएगा तो ये सारे अधिकारी जो अभी उनके कहने पर हाथ रखकर चल रहे हैं, इनका खुलासा निकालने आदत दिखेंगे।### तत्कालीन टीआई के संरक्षण में अवैध कारोबार का आरोपबताया जाता है कि तिल्दा के इस सटोरिये के खास माने जाने वाले टीआई का 4 साल पहले जब ट्रांसफर हुआ, तब इस सटोरिये ने छाती ठोककर कहा था कि टीआई को वह तिल्दा वापस लेकर आएगा।खबरनवीसों के पास इस सटोरिये के कई ऐसे पुख्ता सबूत हैं, जैसे बैंक खाते, जो दूसरे नाम के हैं और उनके द्वारा उन खातों से करोड़ों रुपये की लेनदेन की गई है। इसके गोवा से लेकर अन्य ठिकाने भी हैं। इसके अलावा और भी सबूत जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही पूरे सबूत के साथ हम बड़ा खुलासा करेंगे।लोग बताते हैं कि आज यदि सीबीआई के द्वारा सही जांच की गई तो एक आईपीएस तत्कालीन रायपुर एसपी के पास से इसकी जानकारी मिल जाएगी। हालांकि पिछले दिनों कुछ अधिकारियों पर हुए एक्शन को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है और कहा जा रहा है कि जांच एजेंसी का हाथ इनके गर्दन तक पहुंच गया है।छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा भले ही भिलाई के सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को ऑनलाइन बेटिंग सट्टा संचालन का सरगना बताया जाता है, लेकिन तिल्दा नेवरा के इस सट्टेबाज का भी पूरे देश में नेटवर्क फैला हुआ है। प्रतिदिन 20 से 25 करोड़ रुपये का व्यापार इस सट्टेबाज के साथ महादेव एप चलाकर किया जाता है। दुबई में बैठे सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की तरह इस सट्टेबाज ने भी करोड़ों रुपये अर्जित कर लिए हैं। सट्टे से कमाए गए पैसों से इसने करोड़ों रुपये की कई बेनामी संपत्ति अर्जित कर ली है। अब इसने जमीनों पर भी कब्जा करना शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई की इस सट्टेबाज के कुछ सबूत मिले हैं और जल्द ही सीबीआई इस तक पहुंच सकती है।तत्कालीन टीआई के संरक्षण में अवैध गैस रिफिलिंग कर मामूली पैसे कमाने वाला युवक खुलेआम सट्टे का कारोबार करने लगा..
. और देखते ही देखते वह करोड़ों का मालिक बन गया।
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