
शरद पूर्णिमा पर माँ नर्मदा के पावन तट पर सजी सांस्कृतिक संध्या, सनातन परंपराओं की दिखी अनुपम झलक
जबलपुर :- भेड़ाघाट। विश्व प्रसिद्ध भेड़ाघाट की अलौकिक संगमरमरी वादियों में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित नर्मदा महोत्सव में आस्था, संस्कृति और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। माँ नर्मदा के पवित्र तट पर आयोजित इस महोत्सव में सहभागिता कर उपस्थित लोगों ने आध्यात्मिक शांति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
महोत्सव का वातावरण भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण रहा। मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संगीत की मधुर धुनों ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, लोककला और गौरवशाली सनातन परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली।
संगमरमरी चट्टानों के बीच माँ नर्मदा की पावन धारा और शरद पूर्णिमा की आध्यात्मिक आभा ने इस आयोजन की सुंदरता को और बढ़ा दिया। नर्मदा महोत्सव जैसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
माँ नर्मदा की पावन धरा पर श्रद्धा, संस्कृति और संगीत का यह संगम भारतीय परंपराओं की समृद्धि का प्रतीक बना। महोत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराएँ समाज को जोड़ने तथा नई ऊर्जा प्रदान करने का माध्यम हैं।
