
*बिलासपुर, 5 नवंबर 2026/ जिले में किसानों को रासायनिक उर्वरकों का पारदर्शी, सुगम एवं निर्धारित दर पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) व्यवस्था के तहत वितरण का शुभारंभ किया गया। बिल्हा विकासखंड के मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर्स, सेंदरी में एफएफएस एप के माध्यम से किसानों को क्यूआर कोड एवं टोकन जारी कर उर्वरक प्रदान किया गया।इस अवसर पर ग्राम सेंदरी के किसान श्री सनत कश्यप एवं श्रीमती सरला देवी अग्रवाल को एक-एक बोरी यूरिया तथा सेवा सहकारी समिति सेंदरी से ग्राम मटियारी के श्री विनोद सिंह को एक बोरी डीएपी का वितरण किया गया। कार्यक्रम में एफएफएस की नोडल अधिकारी एवं सहायक संचालक कृषि श्रीमती दिव्या गौतम, श्री आर.एस. गौतम, जिला मास्टर ट्रेनर श्री पी.के. अनंत तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री उमेश कश्यप उपस्थित थे।कृषि विभाग के उप संचालक श्री एमआर तिग्गा ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि भूमि के रकबे एवं बोई गई फसल के अनुरूप आवश्यक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना है। इससे उर्वरक की मांग, उपलब्धता, निर्धारित दर पर बिक्री एवं वितरण का डिजिटल रिकॉर्ड संधारित होगा। साथ ही कालाबाजारी, अनावश्यक भंडारण एवं अनियमित वितरण पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी।जिला मास्टर ट्रेनर ने किसानों को एप की जानकारी देकर मौके पर टोकन जारी करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। किसानों को सबसे पहले एफएफएस एप में अपनी कृषि भूमि एवं बोई गई फसल का विवरण दर्ज करना होगा। इसके बाद आवश्यक उर्वरक और उसकी मात्रा का चयन कर संबंधित उर्वरक विक्रेता चुनना होगा। एप से जनरेट क्यूआर कोड अथवा टोकन के आधार पर चयनित विक्रेता से उर्वरक प्राप्त किया जा सकेगा।उप संचालक कृषि विभाग ने किसानों से एफएफएस एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर उर्वरक क्रय करने की अपील की है। किसानों की सुविधा के लिए मैदानी स्तर पर प्रशिक्षण, किसान चौपाल एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक किसान को उसकी आवश्यकता एवं पात्रता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित दर पर समय पर उपलब्ध हो।
