अयोध्या! सरहद पार सिंध प्रांत के शहर सक्खर की तहसील पनो आकील से गत दिनो सिंध के जत्थे द्वारा मंगाया गया आगामी जनवरी माह मे राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सरहद पार पाकिस्तान के सिंध प्रांत में भी खुशी का माहौल है ऋतु वस्त्र अजरक लखनऊ शिव शांति संत आसूदाराम आश्रम के साई हरीश लाल ने अयोध्या आकर शिवालय परिवार के महंत गणेश दास को रामलला को ठंड से बचने के लिए पूरी आस्था व श्रद्धा के साथ सौंपा था जिसे शनिवार को हरिद्वार से पधारे डा स्वामी गंगा दास उदासीन व उनकी धर्मपत्नी साध्वी सुशीला देवी ने राम मंदिर के पुजारी प्रदीप दास को पूरे विधि विधान व सम्मानित तरीके से जय श्रीराम,जय सखी बाबा,जय झूलेलाल के उदघोषों के साथ रामलला को ओढाने के लिए सौपा अजरक सौंपने का कार्यक्रम शिवालय परिवार के महंत गणेश दास द्वारा आयोजित किया गया था स्वामी गंगा दास ने इस अवसर कर कहा कि सिंध प्रांत की यह अजरक प्राचीन समय से सिन्धु सभ्यता व संस्कृति की प्रतीक माना जाता है उस समय मंदिरों व राजा महाराजाओं को उनके सम्मान में सौप कर ओढाई जाती थी आज भी यह परंपरा सिंध मे जारी है गणेश दास ने कहा कि आज का दिन रामलला को अजरक ओढाना बहुत ही पावन व पवित्र दिन है समाज के लिए यह एक यादगार पल है उत्तर प्रदेश सिंधी युवा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश ओमी ने बताया कि मंदिर परिसर मे अजरक सौंपने से पहले शुक्रवार को सिंधी समाज ने अजरक की पूरी आस्था के साथ पूजन व दर्शन किए अजरक भेट करते समय मुखिया राजकुमार मोटवानी, हरीश सावलानी, राजेश चावला, जितेंद्र खत्री, श्याम मध्यान,नवीन मध्यान, क्षितिज कुमार आदि मौजूद रहे