बिलासपुर की जानीमानी समाज सेविका पायल शब्द लाठ ने विगत दिनों दो ऐसे वाहन दुर्घटना पीड़ितों को हॉस्पिटल पहुँचाया जिसमे एक युवती श्रेया शर्मा का सड़क दुर्घटना से कॉलर बॉन खिसक गया था जिसको त्वरित गति से हॉस्पिटल पहुँचाना था आई सी यु बैकअप की अतिशीघ्र जरूरत थी दूसरी सड़क दुर्घटना एस डी राय 72वर्षीय बुजुर्ग अपने बीमार बेटे केलिए नारियल पानी लेके जा रहा था अचानक निगम की कचरा गाड़ी सामने से टक्कर मार दी और वो गंभीर रूप से घायल हो गया बाद में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया उक्त दोनों सड़क दुर्घटना में पायल ने एक गुड सेमेरिटन की भूमिका निभाई दोनों पीड़ितों को अपने कार से न सिर्फ हॉस्पिटल पहुंचाई बल्कि उनको भर्ती प्रक्रिया तक रुकी रही उनके परिजनों को सुचना होने तक धैर्यता के साथ खड़ी रही
साथ ही उन्होंने गुड सेमेरिटन कानून जो 26 मार्च 2016 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित एक विधेयक है का पालन करते हुए दो लोगो की जान बचाने की कोशिस की नहीं तो ज्यादातर लोग ऐसे सड़क दुर्घटना से ये सोचकर दूरी बना लेते है की क़ानूनी पचड़ो में कौन पड़े किन्तु गुड सेमेरिटन कानून कानूनी हस्तक्षेप से बचाने में मदद करता है जिससे दुर्घटना पीड़ितों की मदद की जा सके .पायल के इस कार्य केलिए बिलासपुर पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने गुड सेमेरिटन का प्रसस्ती पत्र देकर प्रोत्साहित किया.आपको बताते चले की सेमेरिटन कानून को मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के ड्राफ्ट में शामिल किया गया.
एक अच्छा सेमेरिटन कौन है। आम आदमी के शब्दों में, एक अच्छा व्यक्ति वह व्यक्ति होता है जो ज़रूरत के समय किसी व्यक्ति की मदद करने के लिए अपने रास्ते से हट जाता है, बदले में वित्तीय या अन्य किसी चीज़ की अपेक्षा किए बिना पीड़ितों की मददत करते है सात ही कानून को ध्यान में रखते हुए यह शब्द केवल उन लोगों पर लागू किया जा सकता है जिन्होंने स्वेच्छा से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद की हो।