साधु वासवानी मिशन पुणे की प्रमुख दिदी कृष्णा कुमारी का प्रथम बार बिलासपुर आगमन हुआ है इस अवसर पर आज वह बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए अपने संस्था के द्वारा किए जा रहे कार्यो के बारे में जानकारी दी वह संस्था का गठन सन 1931 में सिंध में दादा साधु वासवानी जी के द्वारा किया गया था सन 1947 में बंटवारे के बाद संस्था को भारत में आरंभ किया गया और आज 100 से ज्यादा देशों में संस्था के केंद्र संचालित हो रहे हैं संस्था के माध्यम से भारत में भी कई बड़े-बड़े शहरों में संस्था के द्वारा स्कूल कॉलेज अस्पताल बनाए गए हैं जिसमें जरूरतमंद लोगों को इलाज व शिक्षा दी जा रही है पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमें मानव जीवन मिला है कुछ देने के लिए जैसे प्रकृति हमें बहुत कुछ दे रही है हमें भी उसे देना चाहिए ना कि हमें लेना चाहिए
मानव जन्म देने के लिए बना है और हम देने की जगह हम आज जिसको देखो सिर्फ यह चाहिए वह चाहिए यह चाहिए मांग रहा है लूट रहा है हड़प्पा रहा है प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ऐसा नहीं होना चाहिए हमें पृथ्वी को स्वर्ग बनाना है और यह तभी संभव होगा जब आत्मा का परमात्मा से डायरेक्ट कनेक्शन होगा हर कोई चाहता है मुझे खुशी चाहिए तो वह खुशी कैसे मिलेगी जब हम किसी दूसरे को खुशी देंगे तो हमें रिटर्न में खुशी मिलेगी जब हर कोई इस बात को समझ जाएगा
एक दूसरे को खुशी बाटेगा तो पूरा संसार खुशहाल बन जाएगा दादा साधु वासवानी जी इंसानों के साथ-साथ जानवरों से भी प्रेम करते थे और एक की बात कहते थे अपने स्वार्थ के लिए पशुओं की हत्या न करें जैसा होगा अन्न वैसा होगा मन शुद्ध आहार शाकाहार का संदेश दिया था उनका जन्म 25 नवंबर को पूरे विश्व भर में शाकाहार के दिवस के रूप में मनाया जाता है बिलासपुर सेंटर के द्वारा भी कई परोपकार के कार्य किए जाते रहते हैं जितना हो सके लोगों को देना सीखे जिस दिन आप देना सीख जाएंगे उस दिन आपको कभी भी दुख तकलीफ परेशानी नहीं आएगी खुशियां आपके चारों तरफ रहेंगी सबसे अच्छा बोले मीठी वाणी में बात करें यह जीवन अनमोल है इसे यूं ही व्यर्थ ना गवाएं
माता-पिता की सेवा में समाज के हित में देश के कल्याण के लिए प्रभु को पाने के लिए अच्छे कर्म करने के लिए जीवन का सदुपयोग करें तभी आपका मानव जीवन सार्थक होगा