दीदी कृष्णा कुमारी जी का एक शाम दादा के नाम सत्संग का आयोजन महामाया व्यवहार सिंधी कॉलोनी में आयोजित किया गया दीदी के प्रथम आगमन पर महिलाओं के द्वारा फूलों की वर्षा की गई वह आरती उतारी गई सत्संग की शुरुआत दादा साधु वासवानी दादा जेपी वासवानी जी के फोटो पर पुष्प अर्पण कर दीप प्रज्वलित करके की गई इस अवसर पर सपना कलवानी चित्रा पंजवानी सोनम कलवानी नानक पंजवानी के द्वारा कई भक्ति भरे भजन व गीत गाए गए जिसे सुनकर उपस्थित भक्तजन भाव विभोर हो गए दीदी कृष्णा जी ने सत्संग में फरमाया कि आज की महिलाएं सुबह उठती हैं क्या खाना बनाना है फिर कौन-कौन से कपड़े पहने हैं कहां बाहर घूमने जाना है वह अन्य कार्यो में ज्यादा समय व्यक्तित करती हैं और जो समय बचता है वह मोबाइल और टीवी देखने में व्यक्त करती है सत्संग के लिए समय निकलता नहीं और कुछ समय निकाल भी लेती हैं तो सत्संग में पहुंचने के बाद भी उनका ध्यान घर में रहता है या फोन में रहता है
जब आप सत्संग में आते हैं तो फोन को साइलेंट करके रख दीजिए कुछ समय फोन को भी आराम दीजिए वह अपने मन को तन को सत्संग में लगा दीजिए जब तक आप सत्संग में बताए हुए बातों को सुनेंगे नहीं उसे अपने जीवन में उतरेंगे नहीं तो आपका भला कैसे होगा आपका उधर कैसे होगा आपके दुख तकलीफ दूर कैसे होगी आत्मा का परमात्मा से मिलन कैसे होगा कितना समय हम वेस्ट के कामों में लगाते हैं उसका आधा समय भी अगर हम प्रभु को याद करने में भक्ति सिमरन में लगाए तो फिर आपको दुख और तकलीफ परेशानी आएंगी नहीं आप तनिक भर की खुशी के पीछे भागते हैं पर जो जिंदगी भर आपको खुशी मिलेगी इस जन्म के साथ-साथ अगले जन्म में भी मिलेगी इस लोक के साथ-साथ परलोक में मिलेगी उस खुशी को आप छोड़ देते हैं, वह खुशी कैसे मिलेगी जब आत्मा का परमात्मा से मिलन होगा जब आपका तन मन दोनों भक्ति में लीन होंगे तब आपको और किसी खुशी की जरूरत ही महसूस नहीं होगी जिसे श्री हरि मिल गए उसे फिर और खुशी की जरूरत ही क्या है आज मनोरंजन के जो साधन हैं असल में वही दुख का कारण है ज्यादा टीवी देखेंगे आंखों में तकलीफ होगी
आंखों की प्रॉब्लम होगी ज्यादा मोबाइल में बात करेंगे दिमाग में टेंशन होगा डिप्रेशन होगा मॉल में पिक्चर देखने जाएंगे खर्चा ज्यादा होगा परेशानी ज्यादा होगी आज हम एक दूसरे को देखा देखी में ही ज्यादा दुखी हो जाते हैं कि इसने यह कपड़ा पहना है ओर यह गोल्ड पहना है तो मैं भी इससे अच्छा कपड़ा पहनूंगी अच्छा गोल्ड लूंगी हम हर समय पैसा और ध्यान ईन जी जो में ज्यादा लगाते हैं कभी सोचा है कि सामने वाली पड़ोसन सुबह-शाम पूजा पाठ करती है सिमरन करती है प्रभु का नाम जपती है हम भी इससे ज्यादा पूजा पाठ करेंगे प्रभु का नाम जपेंगे कभी हमने ऐसा सोचा है कभी ऐसा किया है नहीं हमारा दिमाग जो फालतू की बातें है उसमें ज्यादा काम करता है, इसका कारण है दिनभर हम आसपास होने वाली ऐसी बातों को सुनते हैं वह देखते हैं इसके कारण इसका असर हम पर ज्यादा होता है जैसे आप जब मंदिर जाएंगे तो वहां का वातावरण का अलग ही प्रभाव होता है और वहां से वापस आएंगे तो वह प्रभाव समाप्त हो जाता है और तनिक भर का प्रभाव होता है जब तक आप वहां पर उपस्थित होते हैं,
ईस बात का तात्पर्य है कि आप जब तक भगवान के चरणो में है तो आप दुख तकलीफों से दूर रहते हैं और जब आप भगवान की शरण से निकल जाते हैं तो आपको फिर से दुख तकलीफ घेर लेती हैं सत्संग के आखिरी में आरती की गई अरदास की गई पल्लो पाया गया प्रसाद वितरण किया गया आए हुए सभी भक्तजनों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया आज के इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में नानक पंजवानी डॉ रमेश कलवानी फैमिली का विशेष सहयोग रहा