23 दिसंबर “राष्ट्रीय किसान दिवस” के अवसर पर आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत किसानों के सम्मान समारोह का आयोजन ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ओम शांति सरोवर, उसलापुर बिलासपुर के प्रांगण में किया गया।
माननीय भ्राता धीरज मुदलियार जी ने अपने उद्बोधन में गौ आधारित खेती के विषय में बताया कि किसान प्रशासन से आय बढ़ाने की मांग करते हैं परंतु हम लागत कम करके अपनी आए बढ़ा सकते हैं उन्होंने बताया कि गाय के वेस्टेज से किसी भी प्रकार की संपूर्ण खेती कर सकते हैं। उन्होंने कम लागत में अधिक आय कमाने का उपाय बताया कि गाय का गौमूत्र सर्वश्रेष्ठ कीटनाशक है एवं खेती करते समय इसका छिड़काव 8 दिन के अंतराल में करना चाहिए। एक गाय का गोमूत्र एक एकड़ की जमीन के लिए पर्याप्त है।
माननीय भ्राता लक्ष्मी प्रसाद जी ने अपने उद्बोधन में किसान दिवस पर किसान भाइयों का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह हम अपने बच्चों का ध्यान रखते हैं ऐसे ही फसलों का भी बहुत प्यार से हमें ध्यान रखना चाहिए क्योंकि फसल हमारी भावनाओं को ग्रहण करते हैं।
आदरणीय बीके छाया दीदी जी (सेवाकेंद्र संचालिका, उसलापुर) ने किसानों के सम्मान में कहा कि किसान अर्थात हमें किस शान में रहना है यदि किसान अपनी शान को पहचान जाएं तो कभी परेशान नहीं होगा। कृषि, ऋषि समान है जिस तरह ऋषि त्याग, तपस्या और सेवा करते हैं इसी तरह किसान भी धूप, गर्मी, बरसात, ठंड में कड़ी मेहनत करते हुए त्याग, तपस्या और सेवा करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह अनाज की पैदावार के लिए हम सबसे पहले बीज बोते हैं और साल भर फल खाते हैं इसी तरह हमें श्रेष्ठ कर्मों का भी बीज बोना है। उन्होंने कहानी के माध्यम से बताया कि जिस भावना एवं विचारों से हम कर्म करते हैं उसी अनुसार हमें फल प्राप्त होता है। अतः हमें श्रेष्ठ संकल्पों का बीज बोना चाहिए अनाज की पैदावार के लिए जिस संकल्प से हम बीज होते हैं उसका प्रभाव बीज पर पड़ता है और जब अनाज लोग खाते हैं तो उनकी दुआएं हमें मिलती है लेकिन जब रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग करते हुए हम बीज होते हैं तो उसके दुष्प्रभाव का कारण भी हम बनते हैं। रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग से हम अधिक धन जरुर कमा सकते हैं लेकिन चैन की नींद नहीं सो सकते परंतु दुआएं कमाने से चैन की नींद जरूर सो पाएंगे। अंत में उन्होंने राजयोग की निशुल्क शिक्षा की जानकारी दी एवं मेडिटेशन के द्वारा सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराते हुए राजयोग की अनुभूति कराई.
माननीय भ्राता गौरी शंकर जी ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि गोमूत्र के सेवन से नाना प्रकार की बीमारियां (टीवी, कैंसर आदि) समाप्त होती हैं.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय भ्राता धीरज मुदलियार जी, (गौ सेवा वंश प्रदेश अध्यक्ष), भ्राता राकेश कोशले जी (भारतीय किसान संघ ब्लॉक अध्यक्ष), माननीय भ्राता लक्ष्मी प्रसाद जी (सेवा निवृत वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी), माननीय भ्राता रामकुमार जी (वरिष्ठ कृषक), माननीय भ्राता गौरी शंकर जी (वरिष्ठ कृषक), माननीय भ्राता बीके रामसेवक कुशवाहा जी (भारतीय किसान संघ पूर्व अध्यक्ष) आदरणीय बीके छाया दीदी जी (सेवा केंद्र संचालिका, उसलापुर) के द्वारा दीप प्रचलन किया गया।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों का सम्मान ईश्वरीय सौगात, आध्यात्मिक पुस्तक (ज्ञानामृत) श्रीफल गमछा एवं प्रसाद देकर बीके छाया दीदी जी के द्वारा किया गया एवं 50 किसान भाई बहनें कार्यक्रम में उपस्थित थे जिनका सम्मान अतिथियों एवं छाया दीदी जी के द्वारा श्रीफल, गमछा, आध्यात्मिक पुस्तक एवं प्रसाद देकर किया गया।
बीके अनामिका बहन ने संस्था परिचय दिया एवं बीके दुर्गा बहन ने किसानों का उमंग बढ़ाने के लिए बहुत सुंदर कविता (कविता – मेरे किसान भाई, किसानी करना कोई कम बात नहीं…..) प्रस्तुत की. कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन बीके डॉक्टर प्रमिला बहन(डेंटिस्ट) ने किया. बीके सरिता बहन एवं बीके खुशी बहन ने अतिथियों का पुष्प गुच्छ, तिलक व बैच द्वारा स्वागत किया.
