परम पूज्यनीय ममतामयी माँ कलावती दुसेजा जी की द्वितीय पुण्यतिथि पर ममतामयी मां कलावती दूसेजा फाउंडेशन के द्वारा हेमू नगर सिंधी धर्मशाला के पास भिक्षुक व जरूरत मंद लोगों को भोजन कराया गया कार्यक्रम की शुरुआत भगवान सांई झूलेलाल श्री गुरुनानक देव जी एवं मां कलावती दुसेजा जी चित्र पर पुष्पअर्पण कर दीप प्रजवलित कर उपस्थित सदस्यों ने पुष्प अर्पित मां को याद किया तत्पश्चात भोजन सेवा प्राऱभ की एवं संस्था के सदस्यों के द्वारा जरूरतमंद व भिक्षुक लोगों को श्रद्धा पूर्वक भोजन कराया गया दाल, चावल ,सब्जी ,अचार और मिष्ठान, एवं शीतल जल की व्यवस्था की गई जिसे सभी ने प्रेम पूर्वक ग्रहण कर अपने मन तन को तृप्त किया एवं आज के इस पुनीत कार्य के लिए सभी ने संस्था के सदस्यों एवं दुसेजा परिवार कोअपना आशीर्वाद एवं धन्यवाद दिया
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तत्पश्चात संध्या 7:00 बजे भाई वरीयाराम दरबार में भाई साहब अमर वाधवानी एवं भाई साहब अमर रुपाणी के द्वारा मां की आत्मा की शांति के लिए अरदास की गई व श्रद्धांजलि अर्पित की गई इस अवसर पर
फाउंडेशन के संरक्षक रूपचंद डोडवानी ने अपनी श्रद्धा पूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, आज ममतामयी मां कलावती दुसेजा के द्वितीय पुण्यतिथि पर हेमू नगर स्थित श्री राम रसोई में भिक्षुक भोज का आयोजन फाउंडेशन के द्वारा किया गया, श्री डोडवानी नगर में अनेक जगहों पर प्रतिदिन सेवारत उन सभी संस्थाओं के सदस्यों को जो प्रतिदिन बहुत ही कम शुल्क में जरूरतमंद लोगों को भोजन सेवा दे रही हैं उन्हें हृदय से धन्यवाद एवं साधुवाद देते हुए ऐसे परोपकारी कार्य के लिए उन सभी संस्थाओं का भी आभार व्यक्त किया कि ,
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श्री डोडवानी ने आगे कहा कि ममतामयी मां कलावती दुसेजा निश्चित रूप से ममता की मूरत थी उन्होंने ने अपने जीवन काल में अनेक धार्मिक, सामाजिक, पारिवारिक कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण सहभागिता रहती थी एवं वे भाई वरियाराम दरबार से भी काफी लंबे समय से जुड़ी हुई थी जब भी दरबार में कार्यक्रम होते थे गुरु नानक जयंती, चेट्रीचंद्र महोत्सव या अन्य किसी भी धार्मिक सेवा कार्य में उनकी सदैव सक्रिय सहभागिता रहती थी आज हम सभी उनकी द्वितीय पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए एकत्रित हुए हैं परमपिता परमात्मा से यही अरदास है कि उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान बक्क्षे एवं हम सभी उनके बताए हुवे मार्ग में चलकर सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में हमेशा अपनी निःस्वार्थ सहभागिता निभाएं यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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मां कलावती दुसेजा फाउंडेशन का गठन उनके कनिष्ठ सुपुत्र विजय दुसेजा के द्वारा कर सेवा कार्य शुरू किया जिसके लिए उन्हें बहुत-बहुत साधुवाद…
संस्था सलहाकार श्रीमती रेखा आहूजा ने भी कहा कि माँ ऐ तो करोड़ों हैं पर ममता मयी माँ करोड़ों में एक होती है यह सुना था पर मां कलावती दुसेजा जी को देखने के बाद वह मिलने के साथ यह बात साबित हो गई उनके अंदर ममता कूट-कूट के भरी थी सिर्फ अपने लोगों के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए सभी से आशीर्वाद देती प्रेम करती ममता की आंचल में ढक कर रखती ऐसी माँ बहुत कम होती है उनकी मुस्कान देखकर ही सारे गम भूल जाते थे,
संस्था के सतराम जेठमलानी ने भी कहा कि सचमुच में मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे मां के दर्शन करने को मिले वह उनका आशीर्वाद मिला जैसा सुना था उनके बारे में वैसा ही मैंने पाया ममता की मूर्ति थी
कार्यकारी अध्यक्ष रामचंद हीरवानी ने कहा कि उनके साथ बिताए हुए कई ऐसे पल हैं जिन्हें मैं भूल नहीं सकता हूं और मैं अपने आप को बड़ा भाग्यशाली मानता हूं कि उनके साथ में
अयोध्या काशी तीर्थ धाम मां के साथ गया था और वह मुझे अपना बड़ा बेटा मानती थी अपने प्यार से मेरी झोली भर देती थी ऐसी माँ ए बहुत कम होती है ऐसा लगता है किसी देवता का रूप हो
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सचिव जगदीश जज्ञयाशी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके साथ बिताए हुए क्षण को याद किया और कहा कि सच में वह बहुत प्यार भरी बातें करती थी उनके साथ मुझे भी कुछ छण बिताने का मौका मिला और उनका आशीर्वाद व प्यार मिला
संस्था के वरिष्ठ सदस्य मोहन जैसवानी ने अपने अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहां की ममतामयी मां कलावती दुसेजा, एक बहुत ही मिलनसार व्यक्तित्व की धनी थी, हम उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर धार्मिक सामाजिक कार्यों में अपनी सहभागिता निभाएं यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी
संस्था के अध्यक्ष उनके सुपुत्र विजय दुसेजा ने मां को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ममता मयी माँ आज भी जीवित है उनके विचार उनके बताए हुए मार्ग एवं उनकी बातें आज भी इस दिल में समाए हुए हैं वह भगवान से यह प्रार्थना करता हूं कि हर जन्म में मुझे यही माँ मिले मैंने भगवान को तो नहीं देखा है
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मां के रूप में मैं भगवान को पा लिया भगवान भी होंगे तो ऐसे ही होंगे आज के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्यों का विशेष सहयोग रहा जिसमें प्रमुख रूप से रुपचंद डोडवानी, रामचंद हिरवानी , जगदीश जाग्यासी, मोहन जैसवानी, देवन दास रोहरा, नानक नागदेव, श्रीमती रेखा आहूजा, सतराम जेठमलानी, गोविंद दुसेजा, विनोद रायकेश, राजकुमार जैसवानी, ओम जीवनानी,किशोर आडवाणी कमल दुसेजा, हरिकिशन गंगवानी, श्रीमती प्रिया रावलानी, राजू खरे , मीना राजवानी, गोपाल आहुजा, हेमा अरोडा राकेश फुलवानी किरन अरोड़ा पंकज नवानी
वंदना , नीरज दुसेजा मुरारी परलदास अमीत राजवानी, मिना राजवानी,