🟰🟰🟰🟰🟰🟰🟰🟰🟰
हम बच्चों की बात छोड़े भी दे तो
जो हमारे युवा है या युवाओं से थोड़ा सा बड़ी उम्र के हे
किसी में भी अपनी मातृभाषा के प्रति उत्सुकता नहीं है
अभी एक बहुत ही प्रेरणादायक
मन को उत्साह से भर देने वाला एक वाक्या सामने आया
प्रयागराज के युवा समाजसेवी
श्री गौरव वलेचा जी
जिनका परिवार समाज सेवा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है
खुद भी एनजीओ चलाते हैं लोगों की मदद करते हैं
हाल ही में प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान
देश विदेश से आए हुए समाज बंधुओ के लिए रहने की और अन्य सुविधाओं की व्यवस्थाओं में मदद करी थी
गांवो मे गरीब बच्चों को
शिक्षित करने का कार्य भी करते हैं
उन्होंने बताया कि वो गैर सिंधी भाषी
परिवार के बच्चों को सिंधी पढ़ाना चाहते हैं
इसके लिए उन्हें कुछ सिन्धी भाषा की जानकारी रखने वाले महानुभावो के सहयोग की जरूरत है
हमे बड़ा आश्चर्य हुआ की गैर सिंधी भाषीयो को सिंधी क्यों पढ़ाने का प्रयास हो रहा है
उन्होने बताया कि यहां के जो सिंधी परिवार है उनसे संपर्क किया गया
पंरतु कोई भी सिंधी परिवार अपने बच्चों को सिंधी पढ़ाने के प्रति उत्सुक नहीं है
उनके ऐसे तमाम प्रयास सफल नहीं हो पाए तो
उन्होंने उनकी संस्था के द्वारा संचालित गांवो के स्कूली बच्चों को सिंधी भाषा पढ़ाने का मानस बनाया है
इसके लिए उन्होंने गांवो के प्रमुखो से बात कर ली है और बच्चे भी सिंधी भाषा को पढ़ने के लिए इच्छुक हैं
गौरव जी का कहना है की वो
गैर सिंधी भाषी बच्चों को
सिंधी पढ़ा के
वो सिन्धी समाज के
परिवारों और बच्चों को प्रेरित करना चाह रहे हैं कि
जब दूसरी भाषा के लोग हमारी भाषा के प्रति उत्सुक हे तो हम अपनी मातृभाषा प्रति इतने उदासीन क्यों है
वास्तव में यह बहुत ही चैलेंजिंग वर्क है
हम अपने बच्चों को मातृभाषा सीखने के लिए प्रेरित नहीं कर पा रहे हैं
और दूसरे समाज के लोग हमारी भाषा सीखने
हमारा इतिहास हमारी संस्कृति जानने के इच्छुक है
बताया जा रहा है कि कुछ शोधकर्ता तो
हमारे इतिहास पर शोध करने के कार्य के लगे हुए
खैर गौरव जी के अनुरोध पर
हमने अपने पास उपलब्ध कुछ सिंधी भाषा के जानकार और साहित्यकारों के नंबर उपलब्ध कराए
और आगे भी जो सहयोग सम्भव होगा करने का प्रयास किया जाएगा
ऐसे अनेक अवसर आते हैं जब अपनों से ज्यादा गैर काम आते है
अपनों से उम्मीदे पूरी तरह टूट जाये तो गैरों से उम्मीद लगाना कोई गलत नहीं है
वेंटिलेटर पर पड़ी मृतप्राय हमारी मातृभाषा को
शायद उनके जैसे सेवा भावी समाजसेवियों के प्रयास से फिर से
नया जीवनदान मिल जाए !
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भी गौरव जी का नंबर हमने कई ग्रुपो में वायरल किया था
एक बार फिर उनका नंबर नीचे लिख रहा हूं
यथासंभव वैचारिक सहयोग आवश्यक कीजिएगा!
(श्री गौरव वलेचा प्रयागराज
8826259179)
🙏
जयकुमार कालरा
कोटा, राजस्थान
9829092206
