
पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ, रायपुर, छत्तीसगढ
में प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी दिनांक 19 मई से 02 जून 2024
तक 15 दिवसीय ” ज्ञान वर्धक शिविर ” का आयोजन विगत 15 वर्षों से संत श्री डाॅ.युधिष्ठिर लाल जी
के मार्गदर्शन में बच्चों में
संस्कार, ज्ञान, नैतिक शिक्षा के साथ संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास के
लिए आयोजित किया गया है ।
शदाणी दरबार तीर्थ, रायपुर में दिनांक 02
जून 2024 को एक गरिमामय समारोह में
इस ज्ञान वर्धक शिविर के समापन समारोह में
मुख्य अतिथि के रूप में
प्रमुख वक्ता प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल जी
कुलपति पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर ने
सिंधी समाज के शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव प्रयास की प्रशंसा की ।
उनहोंने अपने सारगर्भित उद्बोधन में बच्चों की नैतिक शिक्षा एंव सनातन धर्म और संस्कार के लिए पूज्य संत श्री डाॅ.युधिष्ठिर लाल जी के मार्गदर्शन में
शदाणी दरबार के इस आयोजन के लिए बच्चों में संस्कार से श्रेष्ठ नागरिक बनने का मार्ग प्रशस्त होगा ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में
माननीय कुलपति महोदय का संक्षिप्त परिचय श्री एम.एल. नत्थानी अध्यापक –
सिंधी भाषा ( संत शदाराम साहब सिंधी अध्ययन केंद्र ) पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के द्वारा
दिया गया ।
इस भव्य समापन समारोह में कुलपति महोदय द्वारा सिंधी समाज के लगभग 200
प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एंव पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक एंव विद्वान उपस्थित थे । कार्यक्रम के अंत में आशीर्वाद के
लिए संत श्री डाॅ.युधिष्ठिर लाल जी, नवम पीठाधीश, शदाणी तीर्थ, रायपुर ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में
सनातन धर्म के अनुसार
संस्कार युक्त नैतिक शिक्षा के लिए बच्चों में
बचपन से ही आदत होने
पर प्रकाश डालते हुए शदाणी दरबार इसके लिए सदैव प्रयत्नशील है । कार्यक्रम के अंत में आभार प्रकट डा. किरण शदाणी ने प्रस्तुत किया।
पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री बंटी गावडा जी ने किया
उक्त जानकारी दरबार तीर्थ के सेवादार श्री संतोष चंदवानी व सचिव श्री उदय शदाणी ने दी