बिलासपुर:- हिंदू धर्म में गाय की बहुत बड़ी महिमा है उसे मां का दर्जा दिया गया है क्योंकि जब बच्चा पैदा होता है तो वह अपने मां का दूध पीता है लेकिन साथ-साथ गाय का भी दूध पीता है कई बच्चे ऐसे होते हैं जो मां का दूध को सेवेन नहीं कर पाते हैं अथवा मां बच्चे को दूध नहीं पिला पाती है उस परिस्थितियों में भी बच्चे को गाय का दूध पिलाया जाता है तो इसलिए भी 🐂गाय को गौ माता का दर्जा दिया जाता है और पौराणिक कथाओं के अनुसार 🐄गाय के हर एक अंग में 33 कोटि प्रकार के भगवान वास करते हैं पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान भोलेनाथ ने एक दानव को ऐसा वरदान दे दिया था कि उसकी मृत्यु किसी भी देवी देवताओं के हाथ से नहीं होगी गाय के सिंग से होगी इसलिए वह दानव वरदान पाकर सभी देवताओं को मारने के लिए पीछे पड़ गया यहां तक की ब्रह्मा विष्णु महेश के भी पीछे पड़ गया तब पूरे सृष्टि में त्राहिमाम की आवाज गुजने लगी वह सभी देवी देवता इधर-उधर भागने लगे आखिर में वह सब एक नदी के किनारे पहुंचे तो जहां पर एक 🐄 गाय खड़ी थी सभी देवी देवता उस गाए में समा गए वह दानव पीछा करते-करते हुए वहां पहुंच गया इधर उधर देखने लगा तो कुछ नहीं मिला सामने पानी है सिर्फ और एक गाय खड़ी है वह समझ गया कि इस गाय में ही सब भगवान छुप गए हैं तो वह जब गाय को मारने के लिए आगे बडा़ तो गाय ने अपने सिंघ से उस दानव का संघार किया इसलिए भी गाय को हिंदू धर्म में मां का दर्जा दिया जाता है वह बहुत ही श्रद्धा भाव से उसकी पूजा अर्चना की जाती है जैसा कि मैंने बताया कि गाय के हर एक हिस्से में भगवान वास करते हैं इसलिए गाय का गोबर व मूत्र को भी पवित्र माना जाता है व पूजा में उपयोग किया जाता है पूरी सृष्टि में वह एक ही ऐसी जानवर है जिसकी पूजा अर्चना की जाती है गोपाष्टमी का पर्व गायों की पूजा का पर्व माना जाता है कहा जाता है इसके पीछे भी एक पौराणिक कथा है भगवान श्री कृष्ण जब घर से निकले और प्रथम बार गायों को चराने के लिए जंगल पहुंचे तो इसलिए भी गोपाष्टमी का पर्व मनाया जाता है ऐसे महान पर्व पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी ममता मयी माँ👩 कलावती दुसेजा फाउंडेशन के द्वारा दयालबंद स्थित कृष्णा गौशाला में पहुंचकर गायों को तिलक लगाया गया फूलों की माला पहनाई गई आरती की गई व गुड़ ,फल, हरा चारा व पशु आहार खिलाया गया फाउंडेशन के सभी सदस्यों ने यहाँ पहुंच कर सेवा दी व अपने आप को धन्य महसूस किया कि आज हमें गौ माता की सेवा करने पूजा करने का अवसर मिला वैसे तो सेवा हम हमेशा करते रहते हैं लेकिन इंसानों की करते हैं गौ माता की सेवा करने का जो आज पुण्य मिला है और खुशी हुई है वह बात ही अलग है और फाउंडेशन के माध्यम से ऐसे ही सेवा कार्य चलते रहते हैं इस अवसर पर सदस्यों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री से हम निवेदन करते हैं कि गौ माता को राष्ट्रीय पशु के रूप में जैसे राष्ट्रीय पक्षी मोर है इस तरह गाय को भी गौ माता का दर्जा दिया जाए और राष्ट्रीय स्तर पर इसके वध पर प्रतिबंध लगाया जाए और जो भी गौ माता की तस्करी करें उसे आजीवन या मृत्यु की सजा दी जाए यह हमारी मांग है और इस पावन पर्व पर सभी प्रदेशवासियों को देशवासियों को गोपाष्टमी की बहुत-बहुत बधाइयां व शुभकामनाएं दी इस सेवा कार्यों में संस्था के सभी पदाधिकारी का विशेष सहयोग रहा जिसमें प्रमुख है विजय दुसेजा, रुप चंद डोडवानी,नानक नागदेव, जगदीश जज्ञासी ,रामचंद हिरवानी, मोहन जेसवानी, गोविंद दुसेजा , इंद्रजीत गंगवानी, रेखा आहूजा, सतराम जेठमलानी, देवन दास रोहरा, अमित राजवानी, अमर रूपवानी, गुंजन, भारती दुसेजा एंव सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा
भवदीय
विजय दुसेजा
