
वीणा वादिनी विद्या प्रदायिनी,
नमन वंदन स्वीकार करें।
ज्ञान दीप प्रदिप्त दायिनी,
दुर्बुदधि का नाश करें।।१
स्वेत वस्त्र धारिणी मयूर वाहिनी,
मानस में ज्ञान का भंडार भरें।
उत्तम विचार की दिव्य स्वामिनी,
चरणों में हम जीवन अर्पित करें।।२
ज्ञान की देवी बुद्धि दायिनी,
मेरे मन चित्त को शुद्ध करें।
विनती सुनो सुर साम्राज्ञीनी,
विपदा हमारी दूर करें।।३
हे शारदे मां वीणा वादिनी,
वीणा की तार झंकार करें।
स्वर की दाता वर्ण दायिनी,
शीश वंदन स्वीकार करें।।४
स्वप्न साकार करें निंद्रारागिनी,
मन के दुःख दूर करें।
ज्ञानी विज्ञानी हो हम विद्यादायिनी,
ज्ञान का पद सदा प्रशस्त करें।।५
*डॉ विजय पाटिल*
*शिक्षक सह साहित्यकार*
*जिला बड़वानी मप्र*