
,।आईना । दुर्गा को जैसे नव रूपो के स्वरूप है नारी के बारे में बताना मतलब सूरज को दिया दिखाना है नारी बचपन से ही बेटी बहन बहू दादी नानी का रूप निभाती है नारी का सबसे महत्वपूर्ण रूप मां का है कभी दुर्गा कभी सरस्वती कभी लक्ष्मी बनकर पूरे परिवार को संभालती है नारी इतने सारे किरदार निभाते निभाते निभाते अपनी असल पहचान कहीं खो देती है पूरा जीवन दूसरों पर समर्पित कर देती है नारी शिशे में अपनी खूबसूरती देखकर बहुत खुश हो जाती है पर वह अपने अंदर की खूबसूरती देख नहीं पाती अपने हमें अपनी नजर से वो आईना देखना है जिसमें हम अपने अंदर की खूबसूरती देखें आज महिला दिवस पर हम खुद से एक वादा करें स्त्री हूं स्त्री हूं मैं मेरे इस जीवन पर अधिकार है सिर्फ मेरा हैप्पी महिला दिवस महिला दिवस पर विशेष रिया हरिकिशन गंगवानी