कही घर तोड़कर दुकान बन रहे हैं तो कही घर का नक्शा पर दुकान
निगम अभियंता का काम क्या सिर्फ नोटिस तामिली तक कार्यवाही किसका क्षेत्राधिकार
बिलासपुर नगर निगम के 70 वार्ड के प्रशासन को 8 जोन में विभाजित किया गया हैं ताकि सतत निगरानी और त्वरित कार्यवाही कि जा सके किंतु ऐसा हो नहीँ रहा हैं 70 वार्डो में व्यप्त अनियमितताए इतनी हैं कि शब्द कम पड़ जाए जिसमें से सबसे अहम् मुद्दा हैं निगम कि आय कैसे बढे. और निगम कि आय का साधन टैक्स हैं जो कि विभिन्न माध्यमो से आता हैं जिसका एक बड़ा हिस्सा प्रॉपर्टी टैक्स हैं

किंतु निगम के पास अपने ही आय के साधन कि ओर ध्यान नहीँ देना कई तरह के संगलिप्ता को प्रकट करता हैं. हम बात कर रहे हैं एक ऐसे मुद्दे पर जो निगम के आँखों में धूल झोकने का कार्य सतत लगातार चल रही हैं वो हैं अपने मकान को दुकान में तब्दील करके किरायानामा चढाकर बेजा कमाई करना आम बात हो गई हैं वार्ड क्र. 01 से लेकर 70 वार्डो तक यही चल रहा हैं. रेजिडेंशियल नक्शा पास करवाकर उन क्षेत्रो में धड़ल्ले से दुकाने बन रही हैं जहाँ कमर्शियल परमिशन मिल ही नहीँ सकता. निगम प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीँ होती हैं निगम अभियंता नोटिस तामिल करने के बाद सेटिंग करके मामला को आई गई कर देता हैं वही 8 जोन पर बैठे जोन कमिश्नर

का मायूस रवैया से बेजानिर्माण का भरमार हो चूका हैं. जोन कमिश्नर अपने जोन में दौरा करते है पर इतनी दुकाने मकान का मूल रूप सुधार के बन रही हैं वो उनको नजर क्यों नहीँ आ रही हैं घुरू अमेरी में सरकारी जमीनों पर दुकाने बन रही हैं फिर भी कोई कार्यवाही नहीँ हो रही हैं सिंधी कालोनी वार्ड क्र. 20 जोन क्र. 03 में इतने सारे मकानों का मुलरूप बदलकर दुकाने बना दी गई हैं

और लगातार बन रही हैं जिसका नक्शा परिवर्तन या नक्शा पास नहीँ हुवा हैं. ऐसे कई नवीन निर्माण हो रहे हैं जो कि अपने नक़्शे के विपरीत निर्माण करवा रहे हैं जिसकी पूरी जानकारी सभी जोन कमिश्नर को हैं पर कार्यवाही शून्य क्यों हैं. अभी अभी निगम में सरकार कि बदली हुई हैं क्या नई सरकार इस ओर ध्यान देगी और जोन कमीशनरो को जाँच और कार्यवाही करने निर्देश करेंगी और ये पूरा बेजा निर्माण पर रोक लगा पाएगी