बिलासपुर :- महिला दिवस अथार्त माँ दिवस… एक महिला का सबसे सुन्दर उसका स्वरुप माँ का होता… माँ का स्वरुप अथार्त माँ के संस्कार… माँ जैसी पालना… माँ जैसा त्याग… माँ जैसी प्रेम… माँ जैसी अभिव्यक्ति… एक महिला में हीं माँ देवी का दिव्य स्वरुप समाया हुआ… हरेक महिला कितनी पूज्यनीय होती उसका हरेक स्वरुप पूज्यनीय होता… एक महिला का चोला धारण करना उस का श्रेष्ठ अदाकारी होती इस कायनात में… एक महिला एक माँ के रूप में नित नया जीवन देती… एक बहन के रूप में वर्तमान को उमंग प्रदान करती और एक बच्ची के रूप में पुरे घर को खुशियों के खजाने से भर देती…

और एक पत्नी के रूप में एक मकान को घर बनाती और एक अदृश्य पुल का निर्माण करती ऎसा पुल जो सीधा परमात्मा तक पहुंचा देता… इसको मैं महिला दिवस ना कह महिला अमृत दिवस कहना चाहूंगा… महिला नारी स्त्री इस संसार की सबसे खूबसूरत इत्र हैं जो सबको भिन्न भिन्न रंग रूप से महकाती हीं रहती हैं… मैं इस संसार की सभी महिला धन को जितना भी नमन वंदन करुँ वह कम हैं इसके लिए मैं सदा परमात्मा से कहूंगा की हमें इतने मुख दीजिये की मैं निरन्तर धन्यवाद अदा कर सकूँ जिससे हरेक को मेरा स्नेहिल धन्यवाद पहुंचे और मेरे हरेक जन्म के एक स्त्री नारी व महिला के उपकार उनको मैं धन्यवाद अदा कर थोड़ा उनका ऋण चुका सकूँ…
Happy women’s day
धन्यवाद सभी महिलाओं का व नारी जाति का…
मन ओज,,, रेखा.