निराशा में नहीं, आशा में जियें

*꧁‼️जय राम जी की ‼️꧂*


मानव जीवन एवं बीता हुआ समय बार-बार नहीं मिलता है इसलिए जीवन के प्रत्येक पल को आशा और विश्वास के साथ जीकर उत्सव मनाना सीखिए।

निराश, हताश एवं उदास मन जीवन प्रगति में सबसे बड़े अवरोधक का कार्य करता है। निराशा अर्थात सफलता की दिशा में अपने बढ़ते हुए कदमों को रोककर परिस्थितियों के आगे हार मान लेना है।

निराशा का अर्थ मनुष्य की उस मनोदशा से है जिसमें स्वयं द्वारा किए जा रहे प्रयासों के प्रति अविश्वास उत्पन्न हो जाता है।

निराशा… जीवन और प्रसन्नता के बीच एक अवरोधक का कार्य करती है क्योंकि जिस जीवन में निराशा, कुंठा, हीनता आ जाए वहाँ सब कुछ होते हुए भी व्यक्ति दरिद्र, दुःखी और परेशान ही रहता है।

स्वयं, स्वयं की क्षमताओं और प्रयासों पर भरोसा रखो। दुनिया की कोई भी वस्तु ऐसी नहीं जो मनुष्य के प्रयासों से बड़ी हो इसलिए जीवन को निराशा में नहीं प्राप्त्याशा में जियो।

*आज का दिन शुभ मंगलमय हो।