बिलासपुर, चक्करभाटा, :-बाबा मेहर शाह जी की 14 वां मूर्ति स्थापना दिवस झूलेलाल नगर चकरभाठा में बड़े ही हरषो उल्लास के साथ मनाया गया इस अवसर पर मेहर दरबार सतना के महंत बाबा पुरुषोत्तम दास सांई जी का आगमन झुलेलाल नगर चक्करभाटा में हुआ भक्तों के द्वारा आतिशबाजी करके

फुलो की वर्षा के साथ ढोल बाजे के साथ स्वागत सत्कार किया गया कार्यक्रम सुबह 8: 10 बजे सुखमणि पाठ साहब दोपहर 11:00: बजे भोग साहब, 12 से 2:00 बजे सत्संग भजन कीर्तन का आयोजन किया गया रीवा के गोलू उदासी के द्वारा भक्तिमय, संगीतमय भजनों की शानदार प्रस्तुति दी गई जुसे सुनकर उपस्थित भक्तजन झूम उठे इस पावन अवसर पर श्री झूलेलाल मंदिर चकरभाटा के संत सांई लाल दास जी, बाबा आनंद राम दरबार से एकादशी वाले बलराम भैया जी विशेष रूप से कार्यक्रम में पहुंचे वह साध संगत को अपनी अमृतवाणी से निहाल किया अब वह घड़ी आ गई जिसका सभी साध संगत को इंतजार था , मंहत बाबा पुरुषोत्तम दास जी की अमृतवाणी में सत्संग का रसपान करने का उन्होंने अपनी, अमृतवाणी में फरमाया कि एक छोटा सा दीपक जलकर दूसरों के जीवन में वह घर में उजाला करता है और एक इंसान अपने स्वार्थ के कारण खुद जलकर दूसरे इंसानों को दुखी करता है,

(पुण्य और पाप की किताब है जिंदगी यह तो अपने कर्मों का हिसाब है जिंदगी कहीं हंसना है तो कहीं रोना है यह तो कांटों से भरा गुलाब है जिंदगी)
मतलब जैसा आप कर्म करोगे वैसा ही आपको फल मिलेगा इसलिए हमेशा अच्छे कर्म करो सद मार्ग पर चलो ताकि इस लोक के साथ-साथ परलोक भी आपका संवर जाए कुछ समय भगवान की भक्ति भजन वह सतसंग में लगाया करें ,दिन भर दुकान में बैठकर लाखों रुपए कमाते हैं उसका हिसाब रखते हैं पर दिन भर में कितना समय अपने भक्ति की भगवान का नाम जपा इसका हिसाब ऊपर बैठा चित्रगुप्त लिख रहा है, यह कमाई यहीं छूट जाएगी पर वह नाम की कमाई आपके साथ जाएगी और ऊपर में काम आएगी और यहां भी आपका साथ देगी इस कमाई को कोई नहीं ले सकता है, ना अग्नि जला सकती है, ना इसे पानी डूबा सकता है, इस पर आपको जीएसटी भी नहीं,लगेगा , तो ऐसी कमाई को क्यों छोड़ रहे हो ऐसी कमाई को तो पकड़ के रखो, जो सात जन्मों तक काम आए ,जीवन में धन जरूरी है पर धन कमाने के लिए गलत रहा चुनना उचित नहीं है और उस धन के लिए अपने शरीर को या भगवान को भूल जाए यह भी उचित नहीं है, अपने शरीर का भी ध्यान रखें पैसा भी कमाऐ साथ में सध कर्म धर्म के कार्य भी करें और उन पैसों का धर्म के कार्य में खर्च हो इस बात का ध्यान रखें

कार्यक्रम के आखिर में भोग साहब लगाया गया आरती की गई अरदास की गई पल्लो पाया गया प्रसाद वितरण किया गया आए हुए संत जनों का बाबा जी के द्वारा स्वागत व सम्मान किया गया सभी भक्तजनों के लिए आम भंडारा का आयोजन किया गया बड़ी संख्या भक्तो ने भंडारा ग्रहण किया वह बाबा जी से आशीर्वाद व प्रसाद ग्रहण किया इस पूरे कार्यक्रम का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया हजारों की संख्या में घर बैठे लोगों ने आज के इस सत्संग के कार्यक्रम का आनंद दिया इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में वाधवानी परिवार व नागदेव परिवार का विशेष सहयोग रहा,
