
श्री झूलेलाल मंदिर झूलेलाल नगर चक्करभाटा में चार दिवसीय चेटीचंड्र महोत्सव का हुआ समापन प्रथम दिन महिला मंडल के द्वारा स्कूटर रैली निकाली गई दूसरे दिन युवा टीम के द्वारा आनंद मेले का आयोजन किया गया तीसरे दिन चेटीचंड्र महोत्सव के अवसर पर सुबह स्कूटर रैली निकाली गई वह शाम को भव्य शोभा यात्रा निकाली गई चौथे दिन पल्लों की रात के अवसर पर

सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन सिंधी महिला मंडल श्री झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप के संयुक्त तत्वाधान में झूलेलाल मंदिर झूलेलाल नगर चक्करभाटा में किया गया कार्यक्रम रात 9:00 बजे आरंभ हुआ 12:00 बजे समापन हुआ इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में नाटक मंचन भी किया गया जिसमें अल्प समय में पूरा रामायण बताया गया छोटे बच्चों के द्वारा भगवान श्री कृष्णा का श्लोक बताया गया और अलग-अलग नाटक मंचन के द्वारा गीत भजन के द्वारा समाज में जागृति के लिए अपनी संस्कृति से वापस जुड़े उसको दिखाया गया की किस तरह बटवारा हुआ 1947 में बंटवारे के बाद सिंध पाकिस्तान में रह गया और हम भारत में आ गये हर जाति को उसका प्रदेश मिला, जैसे पंजाबी हो या गुजराती हो चाहे मराठी हो सबको अपना अपना स्टेट मिला पर सिंधी समाज का स्टेट राज्य जमीन वह बंटवारे में पाकिस्तान में चली गई हम

सिर्फ वहां से भगवान झूलेलाल का नाम अपनी संस्कृति लेकर आए थे उसके बाद अपनी मेहनत से आज सिंधी समाज खुशहाल है नाटक के द्वारा संगीत के द्वारा यह भी बताया गया कि पहले जो हमारे बडे़ बुजुर्ग थे किस तरह अपनी संस्कृति को संजो कर रखा था शादियों में पहले सिंधी लाडा होता था अब उसकी जगह इवेंट ने ले ली है पर जो आनंद सिंधी लाडा में था वह इवेंट में नहीं है जो हमारे छोटे-छोटे तिज त्यौहार थे हमारे संयुक्त परिवार थे उनमें कितना प्यार प्रेम था वह अब धीरे-धीरे समय के हिसाब से कम होते जा रहा है प्रकृति का नियम है बदलाव पर बदलाव होना चाहिए पर अपनी जिंदगी ही खत्म हो जाए अपनी संस्कृति ही खत्म हो जाए
ऐसे बदलाव नहीं चाहिए,
किसी भी समाज की पहचान उसकी बोली भाषा और संस्कृति और पहनावे से होती है इसलिए अपनी संस्कृति बोली भाषा को सजोंव के रखे और जोड़ के रखें आने वाले पीढ़ी को बताएं ,
बहुत बढ़िया तरीके से नाटक व गीत और भजन के माध्यम से उन्होंने बताया छोटे छोटे बच्चों के द्वारा शानदार भक्ति भरे भजन व गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी गई एक से बढ़कर एक गीतों पर नृत्य किया गया और आज की युवा पीढ़ी को संदेश दिया गया कि जब नया साल चेटीचंड्र आता है या 1 जनवरी अंग्रेजी नए साल आता है तब आप

(ना होटल जाएंगे ना डिस्को जाएंगे बल्कि अपने झूलेलाल मंदिर में जाकर नए साल और चेटीचंड्र उत्सव मनाएंगे)
कार्यक्रम के आखिर में बाबा गुरमुख दास सेवा समिति भाटापारा के सदस्यों के द्वारा सांई जी का बर्थडे मनाया गया केक काटकर और जीतने बच्चे महिलाए जिन्होंने इस कार्यक्रम में पार्टिसिपेंट किया सबको सांई जी के द्वारा पुरस्कार दिया गया गिफ्ट दिए गए , कार्यक्रम के आखिर में
पल्लोंव पाया गया प्रसाद वितरण किया गया आए हुए सभी भक्तजनों के लिए आम भंडारा का आयोजन किया गया बड़ी संख्या में भक्तों ने भंडारा ग्रहण किया आज के इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में सिंधी महिला मंडल व झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा इस पूरे कार्यक्रम का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया हजारों की संख्या में घर बैठे लोगों ने आज के कार्यक्रम का आनंद लिया