
ग्राम छतौद में देशभक्ति की मिसाल—सशस्त्र बलों को सम्मान और ऑपरेशन सिंदूर की विजय के उपलक्ष्य में ग्रामीणों ने निकाली गौरवशाली तिरंगा यात्रा
रायपुर, 17 मई 2025 (तिल्दा नेवरा): छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले के तिल्दा नेवरा तहसील के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक ग्राम पंचायत छतौद में 17 मई 2025 को देशभक्ति और गर्व का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हाल ही में भारत द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किए गए ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता और सशस्त्र बलों की वीरता के सम्मान में पूरे गांव में विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘हम सेना के साथ हैं’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ जैसे गगनभेदी नारों से समूचा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया।
गौरवशाली तिरंगा यात्रा की शुरुआत ग्राम पंचायत भवन से की गई, जिसमें गांव के सम्माननीय सरपंच ओमप्रकाश ध्रुव, उपसरपंच धनीराम साहू, पंचायत के सभी पंचों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। ग्रामवासी, महिलाएं, युवाओं के साथ छोटे बच्चे भी हाथों में तिरंगा लेकर उत्साहपूर्वक यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा गांव के मुख्य मार्गों, गलियों और प्रमुख स्थानों से होती हुई पुनः पंचायत भवन पर समाप्त हुई। लोगों ने अपने घरों और दुकानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और फूलों की वर्षा कर सेना के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने देशभक्ति गीत गाए और सेना के समर्थन में तख्तियां व पोस्टर भी लेकर चले।
ऑपरेशन सिंदूर, जो हाल ही में भारत सरकार और भारतीय सेना द्वारा देश की सुरक्षा एवं आतंकवाद के खिलाफ चलाया गया एक सफल सैन्य अभियान रहा, उसकी सफलता पर समूचा छतौद गर्व महसूस कर रहा है। इस अवसर पर सरपंच ओमप्रकाश ध्रुव ने अपने संबोधन में कहा, “हम सभी ग्रामवासी भारतीय सेना के साहस, बलिदान और देशभक्ति के प्रति कृतज्ञ हैं। ऑपरेशन सिंदूर ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत की सीमाएं सुरक्षित हाथों में हैं।”
इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सेना को सम्मान देना ही नहीं था, बल्कि युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करना भी था। उपसरपंच धनीराम साहू ने भी कहा, “हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने सैनिकों के परिश्रम को समझे और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो।”
गांव की महिला मंडल की सदस्याओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक वेशभूषा में देशभक्ति गीतों पर नृत्य कर माहौल को और भी जीवंत बना दिया। स्थानीय विद्यालयों के छात्रों ने तिरंगे की महत्ता पर भाषण दिया और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया।
इस ऐतिहासिक आयोजन से न सिर्फ गांव में एक नई ऊर्जा और एकता की भावना का संचार हुआ, बल्कि इसने यह भी दर्शाया कि ग्रामीण भारत आज भी अपने देश और सेना के लिए उतना ही समर्पित है। छतौद गांव की यह तिरंगा यात्रा एक मिसाल बन गई है, जिसे आने वाली पीढ़ियाँ गर्व से याद करेंगी।