कर्मभोग मे परमात्मा हस्तक्षेप नही करते, पापकर्मो की सजा भोगनी ही होती है: बीके रूपा
बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर में पाजिटिव थिंकिंग की क्लास चल रही है। बीके रूपा ने कहा कि मनुष्य समझते है कि परमात्मा को हमारे पापकर्मो की जानकारी रहती है, जानीजाननहार होने के कारण परमात्मा पापकर्मो को माफ भी कर सकते है। लोभ के वश कुछ मनुष्य मंदिर जैसे पवित्र स्थानों मे भी चप्पल जैसी तुच्छ चीज की चोरी कर लेते है और पता न चलने पर समझते है कि परमात्मा ने माफ कर दिया। लेकिन कुछ अपने सिद्धांत पर अटल रहते है और चप्पल चोरी होने पर भी दुसरो का चप्पल पहनने के बजाय नंगे पैर रहना पसंद करते है। कहते भी है कख का चोर सो लख का चोर। चोरी चाहे कैसी भी हो सजा बराबर मिलती है। विशेषकर धर्मस्थानो, परमात्मा के घर चोरी की सजा बहुत ही कड़ी मिलती है। बदले मे चाहे कितना भी पुण्य करे पर पापकर्मो की सजा अवश्य भोगनी ही है। परमात्मा कर्मभोग मे हस्तक्षेप नही करते। बल्कि ज्ञानी के पापकर्मो की सजा और भी कई गुना होकर मिलती है।

आगे कहा कि एक परमात्मा के संग मे मन बुद्धि रमण करता रहे तो और किसी के रंग का प्रभाव नही पड़ेगा।