ब्रह्माकुमारीज़ शिव अनुराग भवन राजकिशोर नगर में योग शिविर का चौथा दिन
शिव-अनुराग भवन, राज किशोर नगर :- घुटने के बल खड़े होकर किया जाने वाला आसन उष्ट्रआसन, जिसे कैमल पोज़ भी कहते हैं, के बहुत ही लाभ हैं। पीठ, छाती और कंधों के लचीलेपन और मजबूती प्रदान करने के साथ पीठ के निचले हिस्से में अकड़न से राहत दिलाने में मदद करता है और पाचन में सुधार भी करता है।

यह बातें ब्रह्माकुमारी गायत्री बहन ने राज किशोर नगर में चल रहे 21 दिवसीय योग शिविर के चौथे दिन योगाभ्यास करते हुए कही। आपने बतलाया कि शासन को करने के लिए ज्यादा सावधानियों की आवश्यकता नहीं है। यदि सर्जरी हुई है या पीठ में कोई चोट है तो यह आसन न करें और आसन करते समय दर्द की स्थिति आ जाए तब रुक जाएं।
इसके अतिरिक्त अन्य आसन और योगाभ्यास कराया गया। गायत्री बहन के योग संचालन में मास्टर योग प्रशिक्षक बीके प्रीति एवं कविता बहन ने योग प्रदर्शन कर सहयोग दिया।
ब्रह्माकुमारी रूपा बहन ने सभी नगर वासियों से अनुरोध किया है कि इस अनुपम अवसर का अवश्य लाभ प्राप्त करें।