बिलासपुर :- वर्तमान समय मन का नकारात्मक ,कमजोर होने के कारण मनोबल सभी का शक्तिहीन हो चुका जिसके कारण छोटी-छोटी परिस्थितियों तनाव पैदा कर रही है। तनाव का कारण हमारी सोच, हमारे विचार हमारे दृष्टिकोण है। अगर हम सोच को शक्तिशाली रखें तो परिस्थितियों आपको खेल लगने लगेगी ।सकारात्मक सोच, मेडिटेशन हमारे मन को ऊर्जा प्रदान करता है ,मनोबल को बढ़ाता है। हमारी निर्णय शक्ति तीक्ष्ण होती जाती है जिससे हम विषम परिस्थितियों में सही निर्णय ले सकते हैं । भय ,चिंता, डर के कारण हमारा निर्णय हमें खतरे में डाल सकता है। राजयोग मेडिटेशन के प्रयोग से हमारी बुद्धि दिव्य बनती है, मन शांत रहने लगता है जिससे जीवन में हर करम में सफलता मिलने लगती है। यह विचार इंदौर से पधारे “तनाव मुक्त जीवन के विशेषज्ञ” ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने ब्रह्मकुमारी के ओम शांति सरोवर के सभागृह में नगर वासियों के लिए आयोजित “मेडिटेशन व

मेडिसिंस” विषय पर संबोधित करते हुए बताया कि आज हमारे कर्म में परफेक्शंस नहीं है इसीलिए हर कर्म हमें भय, तनाव पैदा कर रहा है। कर्मों में परफेक्शंस आता है राजयोग से। राजयोग हमारी आत्मा को दिव्य बनाता है राजयोग के अभ्यास से हम शारीरिक स्वास्थ्य मानसिक स्वास्थ्य की प्राप्ति कर सकते हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था प्रमुख ब्रह्माकुमारी छाया दीदी ने कहा की यह कार्यक्रम हमे मानसिक रूप सशक्त बनाने के लिए रखा गया है। भय, दुख, अशांति, कई प्रकार की बीमारी इस सब का मूल कारण मानसिक तनाव है। वर्तमान समय मन की स्पीड तेज होने के कारण अनेक मानसिक रोग पैदा होते जा रहे हैं जिसके कारण हम दवाइयां भी ले रहे हैं लेकिन हमारा स्वास्थ्य सुधारने के बजाय बिगड़ता जा रहा है उसका कारण है हमारी गलत सोच। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान विगत 90 वर्षों से समाज में एकता, प्रेम, शांति ,सद्भावना कायम करने के उद्देश्य से निरंतर कार्य करता आ रहा है। इसकी शिक्षाएं मानव मात्र के लिए निशुल्क प्रदान की जाती है । अंत में उन्हें राजयोग की गहन अनुभूति भी कराई गई।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि माननीय (सीआरपीएफ भरनी बिलासपुर, डि एस पी) बहिन कलावती ने इस कार्यक्रम के अनुभव में बताया कि राजयोग से हमारे जीवन में परिवर्तन आता है। हमारा मन शक्तिशाली बनता है और मन से जीवन बनता है। जिस तरह से शरीर के लिए भोजन आवश्यक है इसी तरह से मन को शक्तिशाली बनाने के लिए मेडिटेशन आवश्यक है। मेडिटेशन हमारे विचारों को सशक्त शक्तिशाली बनाता है।
समाजसेवी सीनियर टीचर श्रीमती रूबी ने बताया की कार्यक्रम इतना सरल और वैज्ञानिक पद्धति से हमें बताया और यह पता लगा की दवाइयां से भी बढ़कर हमारे पास बीमारी को ठीक करने की हीलिंग पावर विचारों में है। यह जानकर मुझे बहुत अच्छा लगा कि हम संपूर्ण शरीर को रोग मुक्त विचार शुद्धि के द्वारा कर सकते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगर वासी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी कविता बहन ने किया।
आदरणीय नारायण भाई जी, डी एस पी श्री मति कलावती बहन, बी के छाया दीदी, भ्राता मोहन जयसवाल, भ्राता राजाराम साहू आदि के द्वारा कार्यक्रम का प्रारंभ दीपज्वलन से किया गया ।